आमिर ने खोले 'धूम 3' की सफलता के राज
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आमिर ने कहा कि मैं काफी समय से ऐसी फिल्म में काम करना चाह रहा था, जिसे हर वर्ग का दर्शक पसंद करे। उसमें एक यूनिवर्सल अपील हो।
`धूम 3' के बारे में बिना किसी झिझक के यह कहा जा सकता है कि यह अपने उद्देश्य में पूरी तरह सफल हुई है। यह फिल्म कमाई के नए रिकॉर्ड बना रही है। मैं इस बात को कतई नहीं भूलना चाहता कि जब एक फिल्म हिट होती है, तो अपने से जुड़े सैकड़ों लोगों का कल्याण कर देती है।
`धूम 3' के बारे में अगर मुझे कुछ कहना है, तो वह यह है कि कॉमर्शियल ढांचे में यह एक नए अनुभव की फिल्म है। आदित्य चोपड़ा ने जब मुझे इस फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़वाई थी, तभी हम दोनों ने निर्णय ले लिया था कि इसमें दर्शकों को बहुत कुछ नया मिलना चाहिए।
ऐसे दृश्य हों, जो पहले कभी नहीं देखे गए हों। तकनीक का अविश्वसनीय इस्तेमाल हो। ऐसा करने में हम सफल रहे और इसका परिणाम भी सकारात्मक निकला है।
खुद को बांधना नहीं चाहता
यह सच है कि मेरे कई फैन मेरी पिछली कुछ फिल्मों की तरह इसमें भी किसी
संदेश की उम्मीद कर रहे थे, तो इस बारे में मेरा कहना है कि विशुद्ध
मनोरंजन के लिए भी तो फिल्में बनाई जाती हैं।
मैं शुरू से ही अलग-अलग किस्म
की फिल्में करने की सोच वाला एक्टर रहा हूं। इसलिए कतई जरूरी नहीं है कि
मैं हमेशा संदेश देनेवाली फिल्में ही करूं। एक एक्टर के तौर पर मैं अपने
आपको बांधना नहीं चाहता। बता दूं कि आगे भी मुझे अलग-अलग किस्म की फिल्में
करनी हैं।
मेरे दिल के करीब है समर
एक एक्टर के तौर पर `धूम 3' में निभाए किरदारों समर और साहिर दोनों ने ही मुझे जबर्दस्त चुनौती दी। यूं तो डबल रोल के किरदार आज के जमाने में शूट करना ज्यादा कठिन नहीं है।
लेकिन एक-एक फ्रेम में बारीकी से काम करना हो, तो यह बहुत डिफिकल्ट काम है। मैं समर और साहिर के किरदारों की सफलता का श्रेय निर्देशक विक्टर को देता हूं। उन्होंने बड़े ही शानदार तरीके से शॉट डिजाइन किए थे।
अच्छा लगा यह रोल
अपने डबल रोल की बात करूं, तो समर और साहिर दोनों ही मेरे दिल के करीब हैं।
लेकिन तुलना ही करनी हो, तो समर की भूमिका मेरे दिल को ज्यादा छूती है।
ज्यादातर दर्शकों को भी समर ने ही प्रभावित किया है।
हालांकि ऐसे लोगों की
कमी नहीं है, जो साहिर की भूमिका से प्रभावित हैं। गोविंदा और अनिल कपूर को
साहिर के किरदार ने ज्यादा अपील किया। इनका कहना था कि वे मुझसे साहिर
जैसे रोल की अपेक्षा नहीं रखते थे।
उनका तर्क था कि मैं `3 इडियट्स' के
रैंचो या `तारे जमीन पर' के टीचर जैसी भूमिका तो विश्वसनीय तरीके से निभा
सकता हूं, लेकिन साहिर के रोल में आसानी से फिट नहीं हो सकता हूं। वे हैरान
हैं कि मैं कैसे इतनी कुशलता से साहिर का किरदार निभा ले गया?
'धूम 4' भी करूंगा
कुछ समीक्षकों को यह फिल्म अच्छी नहीं लगी है, मैं उनकी भी राय का सम्मान करता हूं। हालांकि ऐसे क्रिटिक्स की कमी नहीं है, जो एक एजेंडे के तहत काम करते हैं। वे पहले से ही तय कर लेते हैं कि किस फिल्म को कितने स्टार देने हैं?
किस फिल्म को गिराना है और किसे उठाना है? इस बारे में मेरा मत है कि तर्क के साथ कोई बात की जाए, तो उसे जरूर सुना जाना चाहिए। मैं अपनी आलोचना सुनने में कोई दिक्कत महसूस नहीं करता हूं।
`धूम 3' को एक बड़े दर्शक वर्ग ने देखा है और उसे सुपरहिट बनाया है। यह बात मेरे लिए बहुत महत्व रखती है। रही बात सीरीज में अगली फिल्म की, तो अगर विक्टर ने `धूम 4' की प्लानिंग की और यह फिल्म ऑफर हुई, मुझे स्क्रिप्ट पसंद आई, तो मैं जरूर करूंगा। हालांकि अभी तो हम सब `धूम 3' की सक्सेस का लुत्फ उठा रहे हैं।