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पढ़िए, वहीदा रहमान की जिंदगी के 5 दिलचस्प वाकये

Thu, 14 May 2015 12:53 PM IST
Updated Thu, 14 May 2015 12:53 PM IST
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5 Interesting Stories of Waheeda Rehman's Life

साहिब बीवी और गुलाम वहीदा रहमान के कैरियर की बेहतरीन फिल्मों में गिनी जाती है। इससे जुड़ा किस्सा भी बेहद रोचक है। वहीदा बताती है कि जब उन्हें बताया गया कि तुम्हें गुरुदत्त की प्रेमिका का रोल करना है तो वहीदा को मायूसी हुई। वो दरअसल रहमान की पत्नी छोटी बहु (ये रोल मीना कुमारी को दिया गया) का रोल करना चाहती थी।

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फिल्म शुरु होने से पहले वहीदा रहमान साहब के पास गई और अपनी ख्वाहिश उन्हें बताई। रहमान ने हंसते हुए वहीदा से कहा कि बीवी का रोल एक ठहरी हुई औरत का रोल है। एक ऐसी शादीशुदा औरत जो अपने पति का इंतजार करती है। आप हाव भाव और शक्ल से भी औरत नहीं लगती। एक स्कूली बच्चे की तरह पैकअप से ऐसे भागती हैं जैसे स्कूल की छुट्टी हो गई हो।
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वहीदा का कहना है कि वो ये समझ रही थी कि बीवी का रोल दमदार है और प्रेमिका कम उम्र है जिसके चलते बीवी के रोल को ज्यादा वाहवाही मिलेगी लेकिन गुरुदत्त ने वहीदा को समझाया कि जब फिल्म बनती है तो हर किरदार का अपना दायरा होता है और कोई भी किरदार हिट हो सकता है।

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'प्यासा' में वेश्या का रोल नहीं आया पसंद

5 Interesting Stories of Waheeda Rehman's Life

वहीदा रहमान ने गुरुदत्त के साथ 1957 की सुपरहिट फिल्म 'प्यासा' की। इस फिल्म में गुरुदत्त ने वहीदा रहमान वेश्या 'गुलाबो' का रोल दिया। लेकिन वहीदा किसी भी कीमत पर एक वेश्या का रोल नहीं करना चाहती थी।

'जब गुरुदत्त ने मुझे वेश्या का रोल ऑफर किया तो मैं चौंक गई'। खुद गुरुदत्त जानते थे कि मैं ऐसे रोल करने में असहज रहूंगी लेकिन उन्होंने काफी इसरार किया और मुझे भरोसा दिलाया कि कहानी की मांग के नाम पर उनसे कोई भी अंग प्रदर्शन या समाज विरोधी काम नहीं कराया जाएगा।

वहीदा ने बेमन से इस रोल को स्वीकार किया और फिल्म की शूटिंग की। लेकिन फिल्म ने सफलता के झंडे गाड़ दिए और विदेशों में भी फिल्म की स्क्रीनिंग कराई गई। वहीदा कहती हैं कि मैं इस फिल्म में अपने रोल को लेकर बहुत आशंकित थी लेकिन गुरुदत्त ने मुझपर विश्वास किया और मुझ पर जोर डाला कि ये रोल मैं ही करूं।

'आप अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार रही हो'

5 Interesting Stories of Waheeda Rehman's Life

वहीदा रहमान ने जब फिल्म 'गाइड' को साइन किया तो कई लोगों ने वहीदा को रोजी का रोल करने से मना किया। एक  फिल्म निर्माता ने तो उनसे यहां तक कहा कि 'आप अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार रही हो'। लेकिन वहीदा ने इस रोल को स्वीकार किया। इस फिल्म के जरिए ही वहीदा की बेहतरीन नृत्य कला से जमाना परिचित हुआ।

वहीदा बताती है कि 'आज फिर जीने की तमन्ना है' में डांस करते वक्त डायरेक्टर ने उनसे कहा कि दिल खोल कर नाचो...उसी से स्टेप्स बन जाएंगे। इस गाने में वहीदा की डांस परफॉरमेंस को काफी पसंद किया गया।

इस फिल्म में रोजी के किरदार के लिए जब वहीदा को फिल्म फेयर पुरस्कार मिलने की घोषणा हुई तो कई लोगों के साथ साथ खुद वहीदा को भी भारी अचंभा हुआ क्योंकि वहीदा समझ रही थी कि रोजी का किरदार ग्रे शेड लिए हुए था। वहीदा सोच रही थी कि वेश्या की बेटी जो अपने पति को छोडकर गाइड के साथ रहती है और फिर उसे भी छोड़ देती है, ऐसी नायिका को ऑडिएंस से दया और सहानुभूति नहीं मिलेगी।

...तो रोमांस में हो जाएगी दिक्कत

5 Interesting Stories of Waheeda Rehman's Life

वहीदा ने अपनी कई बेहतरीन फिल्में देव आनन्द के साथ की। सीआईडी और गाइड हमेशा लोगों के दिलों में याद रहेंगी।

देव आनंद के साथ बिताए गए वक्त को याद करते हुए वहीदा ने बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में कहा अपनी पहली हिंदी फिल्म सीआईडी में उनके अपोजिट देव साहब थे। ये वहीदा की पहली फिल्म थी और देव आनन्द तब तक बड़े स्टार बन चुके थे।

वहीदा ने बताया कि "मैं सेट पर जाकर जब उन्हें गुड मॉर्निंग मिस्टर आनंद कहती तो वो इधर उधर देखने लगते और कहते तुम किसे गुड मॉर्निंग कह रही हो। मैं कहती आपको, तो कहते मैं कोई मिस्टर आनंद नहीं हूं. मुझे सिर्फ देव कहो।"

वहीदा बताती हैं, "जब मैं उनसे कहती कि आप उम्र और तजुरबे दोनों में मुझसे बड़े हैं इसलिए सम्मानसूचक शब्द कहे बिना आपको संबोधित नहीं कर सकती, तो वो कहते अगर मेरी फिल्म की लीडिंग लेडी मुझे साहब या मिस्टर आनंद कहेगी तो मुझे उसके साथ रोमांस करने में दिक्कत होगी।"

गले लगते ही गुनगुना देना...कर लूंगा लिप सिंग

5 Interesting Stories of Waheeda Rehman's Life

वहीदा ने बताया कि फिल्म खामोशी क्योंकि हीरोइन प्रधान फिल्म थी इसलिए कोई बड़ा स्टार इसमें काम करने को तैयार नहीं था। फिल्म के निर्देशक हेमंत कुमार को मैंने ही राजेश खन्ना का नाम सुझाया जो इंडस्ट्री में मात्र एक फिल्म पुराने थे।

इस फिल्म से जुड़ा एक दिलचस्प वाकया तब हुआ जब राजेश खन्ना 'वो शाम कुछ अजीब थी' गाने के शूट के दौरान बार बार बोल भूल रहे थे। कई बार रीटेक करने के बाद हेमंत दा भी झुंझला रहे थे।

तब राजेश खन्ना ने वहीदा से कहा कि जब आप मेरे गले लगें तो गाना गुनगुना दीजिएगा। ये वो सीन था जब कैमरा वहीदा की पीठ और राजेश खन्ना के चेहरे पर था। ऐसे में राजेश की गुजारिश को ध्यान में रखते हुए वहीदा ने गले लगकर गाना गुनगुनाया और राजेश ने सही बोल पर लिप सिंग करके गाना पूरा किया।

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