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दो भाइयों का बेरहमी से रेता गला, बगल में पड़ी मिली आरी

Mon, 11 May 2015 01:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रामपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, रामपुर Updated Mon, 11 May 2015 01:11 PM IST
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two brothers killed in rampur up

यूपी के रामपुर में जाहिद और आबिद को बेरहमी से हत्या कर दी गई है। दो भाइयों की हत्या के बाद परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। पंजाबनगर में रशीद के चार बेटे और इतनी ही बेटियां हैं। रशीद की ज्वाला नगर में आगापुर रोड पर फर्नीचर बनाने की दुकान है। इसी दुकान पर रशीद के बेटे काम करते हैं।

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रात भर जब आबिद और जाहिद घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने तलाश की। सुबह दोनों की मौत की खबर मिली तो उसके बाद कोहराम मच गया। मां भूरी का रो-रोकर बुरा हाल था। पिता भी अपने बेटे को याद कर रो रहे थे। पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था। हर किसी की जुबां पर मर्डर को लेकर चर्चा थी। अस्पताल में भी परिवार व गांव के लोग जुटे थे। यहां शव देखकर परिजनों में चीख पुकार मच गई थी।
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धारदार हथियार से दोनों पर कई हमले किए गए। शरीर पर कई गंभीर चोटे भी पाई हैं। इसका खुलासा पीएम रिपोर्ट मे हुआ है। पोस्टमार्टम में जो बातें सामने आई है उसके मुताबिक दोनों भाइयों का धारदार हथियार से हमला किया गया। दोनों के शरीर पर चोट के तमाम निशान हैं। दोनों के शरीर पर घसीटने के निशान भी पाए गए हैं। इसके अलावा हाथ पैर पर भी चोटों के निशान है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट केमुताबिक दोनों की हत्या आधी रात में होने का अनुमान जताया गया है। कुल मिलाकर बेरहमी से दोनों भाइयों का कत्ल किया गया।

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आरी से काटी गई है दोनो की गर्दन?

two brothers killed in rampur up

जाहिद और आबिद ने मौत से पहले बचने के लिए काफी संघर्ष किया था। कुछ इसी तरह के निशान मौका-ए-वारदात पर मिले हैं। पुलिस को शक है कि घटना को अंजाम देने में कम से कम तीन से चार लोग रहे होंगे।

पंजानबगर निवासी रशीद के बेटे जाहिद और आबिद की लाश पसियापुरा के जंगल में एक-दूसरे से काफी दूर पड़ी मिली। एक की लाश कच्ची सड़क के किनारे खेत की मुंडेर के पास पड़ी थी, तो दूसरे की लाश करीब सौ मीटर की दूरी पर पड़ी थी।

बाइक कच्ची सड़क के किनारे पड़ी थी। दोनों की गर्दन धारदार हथियार से रेती गई थी। लाश मिट्टी से सनी हुई थी। संभावना जताई जा रही है कि दोनों ने हत्यारों से बचने के लिए हर संभव कोशिश की। काफी संघर्ष किया होगा। रात होने और जंगल होने की वजह से किसी ने चीखें भी नहीं सुनीं। दोनों के शरीर पर चोट के निशान पाए जाने की बात सामने आई है। पुलिस हर बिंदु पर जांच पड़ताल कर रही है।

मौका-ए-वारदात से कुछ ही दूरी पर एक बहुत पुरानी आरी भी पड़ी पाई गई है, जिसको पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। हालांकि यह आरी काफी छोटी और पुरानी है। पुलिस को घटनास्थल के पास से शराब की कुछ बोतलें भी मिली हैं।

हाईस्कूल में पढ़ते थे दोनों भाई

two brothers killed in rampur up

जाहिद के परिवार के लोगों की मानें तो उसके मोबाइल पर फोन आने के बाद ही जाहिद और आबिद घर के लिए निकले थे। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर वो आखिरी फोन किसका था?। पुलिस को शक है कि कहीं हत्या के पीछे कोई परिचिति तो नहीं। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है।

पंजाबनगर निवासी रशीद के चार बेटे हैं। बड़ा बेटा शाहिद ज्वाला नगर में आगापुर रोड पर फर्नीचर बनाने का काम करता है। दुकान पर रशीद के दो और बेटे जाहिद और आबिद भी बैठते थे। दोनों ज्वाला नगर स्थित कृष्णा जूनियर हाईस्कूल में पढ़ाई करते थे।

स्कूल के बाद दुकान पर रुक जाते थे। शाम को दोनों अपने पिता या बड़े भाई शाहिद के साथ घर जाते थे। शनिवार शाम को जाहिद के मोबाइल पर फोन आया। इसके बाद वह अपने छोटे भाई आबिद के साथ बाइक पर घर के लिए निकल गया। दोनों रात भर घर नहीं पहुंचे।

परिवार के लोगों ने तलाशा, लेकिन कुछ पता नहीं चला। रविवार सुबह दोनों की हत्या की सूचना मिली। परिवार के लोग किसी रंजिश से इंकार कर रहे हैं। लेकिन मौका-ए-वारदात पर जैसे पुलिस को सुबूत मिले हैं, उसके अनुसार मुख्य सड़क से दोनों की लाश करीब सौ मीटर दूर जंगल में मिली। कच्ची सड़क के एक ओर बाइक पड़ी थी, दूसरी ओर आबिद की लाश। इसकी लाश से चंद कदम की दूरी पर ही जाहिद की लाश पड़ी थी।

दोनों से लूटपाट भी नहीं हुई है। इसके संकेत इसलिए मिलते हैं, क्योंकि पर्स और मोबाइल कपड़ों में ही मिला। मृतक के भाई शाहिद ने बताया था कि रात करीब 8.30 बजे जाहिद और आबिद घर के लिए बाइक से निकले थे। फोन किसका था इसकी जानकारी नहीं है। पुलिस मोबाइल की काल डिटेल के जरिये आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस को शक है कि हत्या के पीछे कोई परिचित हो सकता है। मुख्य सड़क से बाइक समेत खेत तक आसानी से दोनों पहुंचे थे। संभावना है कि यहां आने के बाद ही हत्यारों ने घटना को अंजाम दिया होगा।

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