शादी करने की जिद पर अड़े आशिक ने मां-बेटी की काटी गर्दन
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एकतरफा प्यार में पागल अधेड़ ने घर में घुसकर युवती और उसकी मां की पाठल से गर्दन रेत डाली। पाठल पैर पर गिरने से वह खुद भी घायल हो गया। मां-बेटी को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पड़ोसियों ने आरोपी को पाठल समेत पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
रामलीला मैदान के निकट कांशीराम कॉलोनी में रहने वाली स्वर्गीय अशोक की पत्नी सन्नो (50) घर का कामकाज निपटा रही थी। घर में उसकी बेटी पूजा (19) भी थी। दिन में करीब पौन बजे मोहल्ला नई बस्ती निवासी सुरेश हाथ में पाठल लिए घर में दाखिल हुआ और सन्नो पर हमला कर उसकी गर्दन रेत दी।
मां को बचाने दौड़ी पूजा की गर्दन और शरीर पर कई जगह पाठल से वार किए। शोर सुनकर पड़ोस का युवक और युवती घर में घुसे तो उन पर भी सुरेश ने पाठल से हमला करने की कोशिश की। युवक ने किसी तरह उसे पकड़ लिया। इस दौरान पैर पर पाठल गिरने से सुरेश भी घायल हो गया।
कॉलोनी के अन्य लोग भी वहां आ गए। सुरेश को सब ने मिलकर कब्जे में ले लिया और पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने सुरेश को गिरफ्तार कर लिया और घायल मां-बेटी को जिला अस्पताल भिजवाया।
'सन्नो ने बेटी के लिए लिया पैसा'
सुरेश (50) नगर पालिका के मोहल्ला बुखारा स्थित नलकूप पर अस्थायी आपरेटर है। सुरेश के मुताबिक पिछले सात सालों से सन्नो बेटी के नाम पर उससे पैसा ले रही है। मां-बेटी ने उसे कंगाल कर दिया है। वह पूजा से प्यार करता है और शादी करना चाहता है।
पूजा की मां शादी नहीं कर रही है। इसलिए उसने मां-बेटी पर हमला बोला है। शहर कोतवाल अजय गौतम के मुताबिक आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो गई है।
सुरेश करता था छेड़छाड़, है नशे का आदी
आरोपी सुरेश नशा करने का आदी है, नशे की गोली खाता है। कांशीराम कॉलोनी में सुरेश की मौसी का मकान है। मौसी के घर पर ही सुरेश का आना जाना था। इस मकान पर ही वह रहता था। सन्नो का मकान सुरेश की मौसी के मकान के सामने है। सुरेश ने मौसी के घर रहकर ही सन्नो के घर आना-जाना शुरू किया था।
बड़ी बहन पर भी थी सुरेश की गंदी नजर
कॉलोनी के लोगों के मुताबिक पहले तो सुरेश की नजर पूजा की बड़ी बहन पर थी। उसकी सड़क हादसे में दो साल पहले मौत हो गई। इसके बाद सुरेश पूजा से एकतरफा प्यार करने लगा और उससे शादी करने के सपने देखने लगा। वह छेड़खानी भी करता था।
पूजा व उसकी मां को सुरेश की हरकत पसंद नहीं थीं। पूजा की मां घर पर कपड़ों की सिलाई का काम करती है। सुरेश कई दिन से सन्नो और पूजा को परेशान कर रहा था। रविवार से मां-बेटी को सुरेश ने घर में नजरबंद कर रखा था।
उन्हें कहीं नहीं जाने दे रहा था। पिछले डेढ़ माह से सुरेश सन्नो और पूजा के साथ इस तरह की हरकत करता आ रहा था। कई बार मां-बेटी को उसने डराने की भी कोशिश की।
मकान पर लिखी दास्तां:
सुरेश ने अपनी मौसी के मकान पर भी अपनी दीवानगी की दास्तां लिख रखी थी। धोखे की सजा मौत, पूजा के नाम के प्रथम अक्षर पी मेरी जिंदगी मेरी मौत लिख रखा था।