{"_id":"5953c6884f1c1b0a5e8b46d0","slug":"gang-war-in-mathura-after-team-reached-for-inspection","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैंगवार के बीच फंस गई मनरेगा की जांच करने आई टीम, पुलिस ने जैसे-तैसे बचाया","category":{"title":"Crime Archives","title_hn":"क्राइम आर्काइव","slug":"crime-archives"}}
गैंगवार के बीच फंस गई मनरेगा की जांच करने आई टीम, पुलिस ने जैसे-तैसे बचाया
ब्यूरो/अमर उजाला कोसीकलां (मथुरा)
Updated Wed, 28 Jun 2017 08:38 PM IST
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थाना क्षेत्र के गांव फूलगढ़ी में मनरेगा और इंदिरा आवास की जांच करने गईं जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी (डीएसटीओ) और उनकी टीम की जान के लाले पड़ गए। जांच में गड़बड़ी मिलने पर पूर्व प्रधान और उसके समर्थक जांच दल पर लाठी-डंडा लेकर दौड़ पड़े। जान बचाने को डीएसटीओ और कर्मचारी एक डाक्टर के घर में छिप गईं।
इसी दौरान पूर्व प्रधान और वर्तमान प्रधान पक्ष के बीच गोलियां चलने लगीं। पुलिस ने गांव में पहुंचकर जांच टीम को सुरक्षित निकला। इस घटना में तीन लोग घायल हो गए। मामले में ग्राम प्रधान सहित छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। छाता ब्लाक के गांव फूल गढ़ी सात बिसा के ग्राम प्रधान दिगंबर सिंह ने पूर्व प्रधान वीरेंद्र सिंह के कार्यकाल में सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार की शिकायत की थी।
जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी सरिता सिंह टीम के साथ मंगलवार शाम गांव फूलगढ़ी पहुंची। इंदिरा आवासों की जांच करने लगीं। सरिता सिंह ने बताया कि गांव में तीन आवासों की जांच की तो पूर्व प्रधान व वर्तमान प्रधान अपने-अपने समर्थकों के साथ आ गए। जांच में कई खामियां पकड़ में आईं। इसी दौरान पूर्व प्रधान पक्ष के लोग हमारी टीम की ओर लाठी डंडा लेकर दौड़ पडे़। टीम ने एक डाक्टर के घर में छिपकर अपनी जान बचाई।
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डीएसटीओ ने बताया कि वह और उनके साथ गए कर्मचारी डाक्टर के घर में छिप गए तो तभी गांव में गोलियां चलने की आवाज आने लगी। सरिता सिंह ने अधिकारियों व पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार एक लाभार्थी देवकी ने पूर्व प्रधान के कहने पर अपने देवर जोगिन्दर का आवास दिखाया तो वर्तमान प्रधान ने आपित्त जताई।
वह यह कहते हुए टीम को ले जाने लगा कि चलिए मैं आपको इसके आवास तक ले चलता हूं। इसी बात को लेकर पूर्व प्रधान और वर्तमान प्रधान में टकराव हो गया। इसमें पूर्व प्रधान पक्ष के हरेंद्र, तिहेंद्रर, बनवारी घायल हो गए। इंस्पेक्टर उदयवीर मलिक ने बताया कि मामले की रिपोर्ट पूर्व प्रधान वीरेंद्र सिंह ने ग्राम प्रधान दिगंबर सिंह, पूरन, रामचरन, राम किशोर, दलवीर, गोपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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इसी दौरान पूर्व प्रधान और वर्तमान प्रधान पक्ष के बीच गोलियां चलने लगीं। पुलिस ने गांव में पहुंचकर जांच टीम को सुरक्षित निकला। इस घटना में तीन लोग घायल हो गए। मामले में ग्राम प्रधान सहित छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। छाता ब्लाक के गांव फूल गढ़ी सात बिसा के ग्राम प्रधान दिगंबर सिंह ने पूर्व प्रधान वीरेंद्र सिंह के कार्यकाल में सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार की शिकायत की थी।
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जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी सरिता सिंह टीम के साथ मंगलवार शाम गांव फूलगढ़ी पहुंची। इंदिरा आवासों की जांच करने लगीं। सरिता सिंह ने बताया कि गांव में तीन आवासों की जांच की तो पूर्व प्रधान व वर्तमान प्रधान अपने-अपने समर्थकों के साथ आ गए। जांच में कई खामियां पकड़ में आईं। इसी दौरान पूर्व प्रधान पक्ष के लोग हमारी टीम की ओर लाठी डंडा लेकर दौड़ पडे़। टीम ने एक डाक्टर के घर में छिपकर अपनी जान बचाई।
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डीएसटीओ ने बताया कि वह और उनके साथ गए कर्मचारी डाक्टर के घर में छिप गए तो तभी गांव में गोलियां चलने की आवाज आने लगी। सरिता सिंह ने अधिकारियों व पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार एक लाभार्थी देवकी ने पूर्व प्रधान के कहने पर अपने देवर जोगिन्दर का आवास दिखाया तो वर्तमान प्रधान ने आपित्त जताई।
वह यह कहते हुए टीम को ले जाने लगा कि चलिए मैं आपको इसके आवास तक ले चलता हूं। इसी बात को लेकर पूर्व प्रधान और वर्तमान प्रधान में टकराव हो गया। इसमें पूर्व प्रधान पक्ष के हरेंद्र, तिहेंद्रर, बनवारी घायल हो गए। इंस्पेक्टर उदयवीर मलिक ने बताया कि मामले की रिपोर्ट पूर्व प्रधान वीरेंद्र सिंह ने ग्राम प्रधान दिगंबर सिंह, पूरन, रामचरन, राम किशोर, दलवीर, गोपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।