फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Crime Archives ›   father burying daughter alive

यूपी: बेटी को जिंदा दफनाते पकड़ा गया पिता

Fri, 10 Jan 2014 12:52 PM IST
अमर उजाला, पाकबड़ा
अमर उजाला, पाकबड़ा Updated Fri, 10 Jan 2014 12:52 PM IST
विज्ञापन
father burying daughter alive

बेटी को अभिशाप समझकर एक पिता ने मासूम की हत्या की साजिश रच डाली। यूपी में पाकबड़ा के गुरैठा गांव में वह अपनी पांच दिन की बेटी को जिंदा दफनाते पकड़ा गया।

विज्ञापन


अचानक बेटी की किलकारी सुनकर ग्रामीण सन्न रह गए। जागरूक लोग तुरंत दौड़े और बरेली के रहने वाले इस युवक व उसके साले को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
विज्ञापन


बरेली हाफिजगंज क्षेत्र के गांव अहिल्या निवासी मोटर मैकेनिक राजेश पुत्र रामभरोसे की शादी साल भर पहले नवाबगंज के नकती नारायण निवासी मुक्ता प्रसाद की बेटी सुनीता से हुई थी। छह दिन पहले सुनीता को परिजन टीएमयू अस्पताल लाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें, 'मैं क्लास में गई तो टीचर ने दरवाजा बंद कर दिया...'

शनिवार को सुनीता ने बच्ची को जन्म दिया। चार दिन तक नवजात अस्पताल में मां के साथ रही। लेकिन प्री मेच्योर होने के चलते डाक्टरों ने उसे वेंटिलेटर पर रखने की सलाह दी। आरोप है कि गुरुवार को राजेश, अपने साले दिनेश के साथ नवजात को लेकर साईं अस्पताल के लिए निकला। लेकिन अस्पताल जाने की बजाए वह गुरैठा गांव में गांगन नदी के किनारे जा पहुंचा।

गड्ढा खोदकर बेटी को दफन करता, इससे पहले ही बच्ची रोने लगी। किलकारी सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे लोग दौड़े। मासूम की हत्या की कोशिश का आरोप लगाया।

पढ़ें, प्रेगनेंट गर्लफ्रेंड को मिलने बुलाया और मार डाला


राजेश और दिनेश को पुलिस के हवाले कर दिया गया और पुलिस बच्ची को लेकर वापस टीएमयू पहुंची। यहां आईसीयू में उसे रखा गया। पाकबड़ा एसओ ने बताया कि आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

बेटी की किलकारी से पकड़ा गया बाप
गुरैठा गांव में जब राजेश बेटी को कपड़े में लपेटकर आगे बढ़ा तो कुछ ग्रामीणों ने उसे टोका। गांव के किसान जितेंद्र सिंह ने बताया कि पिता ने हमसे झूठ बोला। उसने कहा कि टीएमयू में बेटी पैदा हुई थी, उसी की मौत हो गई है।

इस पर दो ग्रामीण भी उसके साथ हो लिए। लेकिन गांगन के किनारे श्मशानघाट पर पहुंचने पर जैसे ही गड्ढा खोदा गया, बेटी रोने लगी। तब पिता का यह झूठ पकड़ा गया। लोग सिहर उठे। तत्काल आरोपी को पकड़ लिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed