ज्योति हत्याकांड: पीयूष को पुचकारने वाले CO को 'सजा'
‘भूल तो सबसे हो जाती है, यह अपराधी नहीं है’। ज्योति हत्याकांड के अभियुक्त पीयूष श्याम दासानी की पीठ पर प्यार से हाथ फेरते, उसको दुलराते हुए माथा चूमते ये प्यार भरे बोल सीओ स्वरूपनगर राकेश नायक के मुख से फूटे तो बवाल मच गया।
शुक्रवार को पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर स्वरूपनगर थाने लाए गए पीयूष के साथ ऐसी ‘मोहब्बत’ दिखाने पर सीओ साहब खेत रहे यानी उनका पद छीन लिया गया। जिससे सारी दुनिया नफरत कर रही हो, पीटने पर आमादा हो, उस पीयूष से ऐसी हमदर्दी जताने पर सीओ को पद से हटाकर एसएसपी से अटैच कर दिया गया।
विवेचना का पर्यवेक्षण भी उनसे छीन लिया गया और इस ‘मोहब्बत’ की पहरेदारी यानी जांच एसपी पूर्वी को सौंप दी गई है। आईजी ने डीजीपी को प्रकरण की जानकारी देते हुए सीओ का तबादला गैर जनपद में करने की संस्तुति की है।
'इससे भूल हुई है, ई अपराधी नहीं है'
हत्यारोपी पीयूष श्याम दासानी को स्वरूपनगर पुलिस शुक्रवार को रिमांड पर लेकर आई थी। थाने में मीडिया का जमावड़ा था। दोपहर में स्वरूपनगर सीओ राकेश नायक पीयूष से पूछताछ करने पहुंचे। कुर्सी पर बैठे तो पीयूष को उनके करीब लाया गया। फिर शुरू हुआ मीडिया, पीयूष और सीओ के बीच डॉयलाग।
मीडिया की ओर से सवाल हुआ- पीयूष तुमने हत्या क्यों की। इससे पहले कि पीयूष जवाब देता, सीओ साहब बीच में कूद पड़े, पुरबिया भाषा में बोले ‘रुका भाई, पीयूष सामने आव। देखअ भइया, ई गलती केहू से हौ सकत हौ, हमसेहु होत है, आपहु से होत हुइहै। इससे भूल हुई है, ई अपराधी नहीं है। अब दोबारा गलती नहीं करेगा। कोई ऐसा काम नहीं करेगा जिससे मां-बात का नाम खराब हो।’
सीओ के मुंह से ऐसे अल्फाज सुनकर सभी चौंक गए।
सीओ को दरियादिली की मिली सजा
पर सीओ साहब यहीं नहीं रुके। दुलराते हुए पीयूष को अपने करीब बुलाया। बोले, देखो, पीयूष अब कोई भी गलत काम न करना, जिससे तुम्हारे मां, बाप, भाई, रिश्तेदार का सिर झुके, ऊ परेशान हौं। इतना कहते हुए सीओ ने पीयूष की पीठ पर हाथ फेरते हुए उसे अपनी तरफ झुकाया और माथा चूम लिया। फिर कहा अब जाओ।
सीओ की यह दरियादिली प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया वाले, सब देख रहे थे। हल्ला मच गया, आला अफसरों को पता चला तो हंगामा हो गया। ज्योति हत्याकांड का सफलतापूर्वक खुलासा करके वाहवाही लूटने वाले अफसरों को कुछ बोलते नहीं बना।
आईजी आशुतोष पांडेय ने सीओ के इस कृत्य को पुलिस सेवा नियमावली का उल्लंघन माना। एसएसपी ने सीओ को पद से हटाते हुए अपने दफ्तर में अटैच कर लिया। आईजी ने गैर जनपद तबादला करने की संस्तुति डीजीपी को भेज दी। शाम तक चर्चाओं का बाजार और गर्म हो गया कि सीओ साहब ने ऐसा करके किस इनायत का बदला चुकाया।