युवा क्रिकेटर ने कहा- गौतम गंभीर जैसा कोई नहीं, मेरी जिंदगी और सफलता उन्हीं को समर्पित
दिल्ली के तेज गेंदबाज नवदीप सैनी ने कहा है कि उनकी जिंदगी और सफलता का श्रेय टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और ओपनर गौतम गंभीर को समर्पित है। रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में सैनी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 79 रन देकर 7 विकेट झटके। इसकी बदौलत दिल्ली ने बंगाल को एक पारी और 26 रन से करारी शिकस्त देकर रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाई।
सैनी ने कहा, 'मैं अपनी यह जिंदगी और सफलता गौतम गंभीर को समर्पित करता हूं। मैं तो कुछ भी नहीं था और गौतम भैया ने मेरे लिए सब कुछ किया। वह गंभीर ही थे, जिन्होंने सैनी को प्रथम श्रेणी क्रिकेट में शुरुआती मौका दिया।'
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गौरतलब है कि इस तेज गेंदबाज को नेट्स गेंदबाज के रूप में दक्षिण अफ्रीका जाना था, लेकिन अब उनकी जगह उत्तर प्रदेश के अंकित राजपूत को भेजा जा रहा है। इसको लेकर सैनी ने कहा, 'मैं दक्षिण अफ्रीका जाने को लेकर खुश था, लेकिन मैंने गौतम भैया से पूछा। उन्होंने कहा कि दिल्ली को अभी सेमीफाइनल में तुम्हारी जरूरत है और यदि तुम अच्छा प्रदर्शन करते हो, तो अपने आप ही टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम में पहुंच जाओगे। मैंने इसके बाद इस पर दोबारा विचार नहीं किया।'
उन्होंने कहा कि वह 2013-14 का सत्र था, जब दिल्ली के पूर्व क्रिकेटर सुमित नरवाल ने करनाल के एक गेंदबाज को टेनिस बॉल टूर्नमेंट में यॉर्कर करते हुए देखा। सैनी को तब प्रत्येक मैच के लिए 200 रुपये मिलते थे। नरवाल ने दिल्ली के तत्कालीन कप्तान गंभीर को इस गेंदबाज के बारे में बताया और उसे नेट्स पर आजमाने के लिये कहा। उस समय डीडीसीए के उपाध्यक्ष चेतन चौहान थे।
इस दौरान सैनी ने उस दौर को याद किया जब डीडीसीए अधिकारियों ने उन्हें बाहर करने के लिये पर्चे तक बांटे। उन्होंने कहा, 'गौतम भैया, आशीष भैया (नेहरा), मिथुन मन्हास ने मेरा साथ दिया। उन्होंने कहा कि जो कुछ हो रहा है, उससे मुझे चिंतित नहीं होना चाहिए। हम उसे देख लेंगे तुम केवल गेंदबाजी करो।'