फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   vk singh in lucknow club

...तो हजरतगंज में अंडरपास रास्ता बनेगा

Sun, 24 Nov 2013 11:24 AM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
टीम डिजिटल/लखनऊ Updated Sun, 24 Nov 2013 11:24 AM IST
विज्ञापन
vk singh in lucknow club

पॉलीटेक्निक चौराहे पर जाम की समस्या से लोगों को जल्द ही राहत मिलेगी। इसके लिए चिनहट की ओर से एचएएल की तरफ एक नया फ्लाई ओवर बनाया जाएगा।

विज्ञापन


इससे फैजाबाद रोड पर सीधे जाने वाले वाहन पुल के ऊपर से निकल जाएंगे। पुल के नीचे भारी वाहनों का दबाव कम हो जाएगा। मुख्य अभियंता ने इस पर अपनी स्वीकृति दे दी है। स्थलीय निरीक्षण भी कर लिया गया है।

विज्ञापन

पॉलीटेक्निक चौराहा लंबे समय से जाम की समस्या से जूझ रहा है। दरअसल पहले जो फ्लाई ओवर बना, वह चिनहट की ओर से मुंशी पुलिया की तरफ बनाया गया। उधर जाने वाले वाहनों की संख्या काफी कम है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें- जू में इसी माह से चलेंगी चार नई वेहिकल्स

ज्यादा वाहन फैजाबाद की ओर से एचएएल की तरफ सीधे या फिर गोमती नगर की ओर चलते हैं। ऐसे में सीधे फ्लाई ओवर बहुत जरूरी है। इसके बन जाने से पॉलीटेक्निक चौराहे पर जाम नहीं लगेगा।


हजरतगंज के आसपास ट्रैफिक जाम भी बड़ी समस्या है लेकिन यहां फ्लाई ओवर बनाते हैं तो बाजार का पुराना ऐतिहासिक स्वरूप प्रभावित होता है। पहले भी इस पर बात हुई है।


ऐसे में अंडरपास ही एक मात्र उपाय बचता है। इस पर विचार किया जा रहा है। यह अंडरपास बापू भवन के आसपास से शुरू होकर सीधे नरही की तरफ निकाला जाए या फिर पार्क रोड की तरफ।

पढ़ें- नए साल तक सभी सिटी बसों में सीसीटीवी कैमरे


कम लागत में मजबूत सड़क का प्रयोग हमने लोहिया पथ से शुरू किया है। नई तकनीक से बनी इस सड़क का प्रयोग सफल होने पर हम अन्य सड़कें भी उसी तरह बना रहे हैं। अभी तक हम मिट्टी के ऊपर सड़क बनाते थे।

मिट्टी के उस आधार की मजबूती (सीबीआर) 5-6 प्रतिशत होती थी। अब हमने मिट्टी में दो प्रतिशत सीमेंट मिलाकर आधार बनाया। इससे सीबीआर बढ़कर 22 प्रतिशत हो गई।

पहले जहां मिट्टी के आधार पर पक्की सड़क की मोटाई करीब 60 सेंटीमीटर रखनी होती थी। अब 50 सेंटीमीटर मोटाई की सड़क बनानी होगी। इससे हमारी लागत काफी कम हो गई।


माल एवेन्यू के लिए एनओसी का इंतजार

माल एवेन्यू रेलवे क्रॉसिंग पर ओवर ब्रिज बनाने में हमारी ओर से कोई विलंब नहीं है। हमने तो बहुत तेजी से काम शुरू किया था। क्रॉसिंग से लाल बत्ती चौराहे की तरफ आधा पुल बन भी गया है।

दूसरी ओर भी जमीन तो हमारी ही है लेकिन औपचारिक एनओसी का इंतजार है। सेना ने रक्षा मंत्रालय को एनओसी के लिए भेजा है। जैसे ही एनओसी मिल जाएगी, हम ओवर ब्रिज बनाना शुरू कर देंगे।


मवैया-केकेसी पर ओवर ब्रिज ही समाधान

मवैया और केकेसी रेलवे पुल के नीचे जलभराव एक समस्या है लेकिन वहां हम अकेले कुछ नहीं कर सकते। पुल के नीचे के हिस्से में कुछ भी काम करने के लिए हमें रेलवे की सहमति लेनी होती है।

जहां तक सड़क बनाने की बात है तो उतना हिस्सा रेलवे को ही बनाना होता है। वैसे इन दोनों जगह पर ओवर ब्रिज ही समाधान हो सकता है। उसके लिए भी केंद्र और राज्य दोनों को खर्च उठाना होता है। रेलवे खुद अपना सर्वे करता है कि उसे कहां इसकी जरूरत है।

और खबरों के लिए यहां आएं

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed