रफ्तार में देरी ने बढ़ाई ट्रेनों में मारामारी
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गोरखपुर।
लंबी
दूरी की अधिकांश ट्रेनों का
समय अनिश्चित हो जाने से तमाम
मुसाफिर जहां आरक्षित टिकट
निरस्त कराने को मजबूर हैं,
वहीं
विकल्प के तौर पर उन ट्रेनों
को तरजीह दे रहे हैं,
जिनके
चलने की शुरुआत गोरखपुर या
आसपास के स्टेशनों से ही होती
है। दिल्ली दिशा के लिए जहां
गोरखधाम एक्सप्रेस ज्यादातर
मुसाफिरों की पहली पसंद बनी
हुई है,
वहीं
मुंबई दिशा वालों का एलटीटी
तक जाने वाली कुशीनगर एक्सप्रेस
पर ज्यादा भरोसा है। कोहरे
से बसों के समय की अनिश्चितता
और सुरक्षित सफर की चुनौती
से नजदीकी शहरों की सवारियां
भी ट्रेनों का रुख कर रही हैं।
इन स्थितियों के चलते रेलवे
प्रतीक्षालय से लेकर प्लेटफॉर्म
तक खास गाड़ियों के मौके पर
मेले जैसा नजारा देखने को मिल
रहा है। गुरुवार
शाम गोरखधाम और कुशीनगर
एक्सप्रेस के समय पर भी प्लेटफॉर्म
एक और दो पर जबरदस्त भीड़ रही।
गाड़ी प्लेटफॉर्म पर पहुंचते
ही यात्रियों ने दरवाजों के
साथ-साथ
इमरजेंसी विंडो से भी घुसपैठ
की कोशिश की। धक्का-मुक्की
बढ़ी तो आरपीएफ के जवान मय
डंडे के सक्रिय हुए। खिड़की
और टॉयलेट में घुसपैठ करते
लोगों को रोका तो बोगी में
दाखिल होने के लिए सख्ती से
लाइन लगवाई। विकलांग और महिला
बोगी में घुसे अनधिकृत लोगों
को भी सख्ती से बाहर किया गया।