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बैंकों को दिए सख्त निर्देश
श्रीनगर, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 26 Dec 2015 04:43 PM IST
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जिलाधीश ने रिजर्व बैंक आफ इंडिया (आरबीआई) को सलाह दी कि सरकारी योजनाओं को सही तरीके से लागू नहीं करने वाले बैंकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। जिले में स्थित बैंकों के प्रतिनिधियों से बैठक के दौरान ऋण योजना की मजबूती पर 2016-17 की नाबार्ड की पुस्तिका का विमोचन किया गया।
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बैठक में चीफ प्लानिंग आफिसर को कहा गया कि वह सभी छात्रों का बैंक में 15 दिनों के भीतर खाता खुलवाएं, ताकि छात्रवृत्ति व अन्य सरकारी योजनाओं का मिलने वाला लाभ सीधे विद्यार्थियों के खाते में जाए। निर्देश दिए गए कि सरकारी योजनाओं को लागू करने में कोताही बरतने वाले बैंकों को रोजाना दो सौ रुपये का जुर्माना किया जाए।
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जुर्माना की रकम को सीधे रेड क्रास के खाते में जमा कराया जाए। उधमपुर में बैंकों में 2786.66 करोड़ रुपये जमा हैं, जबकि 801.66 करोड़ रुपये के ऋण जारी किए गए हैं। तिमाही बैठक में बताया गया कि अगले तीन माह में बैंक की सीडी रेशियो को बढ़ाया जाएगा।
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जन नीतियों को बढ़ाने के लिए बैंकों का अहम योगदान है। इन नीतियों को भी बढ़ाने के आदेश दिए गए। जम्मू-कश्मीर बैंक के पास सबसे अधिक अधिकार हैं। जो सरकारी योजनाओं पर लोगों को ऋण मुहैया कराएं। अगर ऋण मुहैया कराने में लगातार देरी होती है, तो बैंक के हेडक्वार्टर से भरपाई की जाए।
स्वरोजगार, स्क्लि डेवलपमेंट, उद्यमियों के लिए योजना, कृषि, हस्तशिल्प, हथकरघा, समाज कल्याण, शारीरिक तौर पर सक्षम लोगों के लिए योजनाओं का पुरा लाभ देने के भी आदेश दिए गए। अगर इसमें भी कोई देरी बरती जाए तो बैंकों को जुर्माना ठोका जाए। इस बैठक के दौरान नाबार्ड ने अपनी रिपोर्ट पेश की और बैंकों की उपलब्धियों की जानकारी दी।