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'चौथी से जमा कर रहा हूं टिकटें'

Fri, 15 Nov 2013 06:00 PM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 15 Nov 2013 06:00 PM IST
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Rakesh Walia- collector of post stamps
सिटी ब्यूटीफुल के राकेश वालिया के लिए बाल दिवस हमेशा ही खास होता है। उसकी ठोस वजह भी है। क्योंकि वह इस दिन डाक विभाग द्वारा जारी हुई डाक टिकट का बेसब्री से इंतजार कारते हैं।
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उनके खजाने में बाल दिवस के उपलक्ष्य में छपी आज तक की सभी टिकटें मौजूद हैं। उनकी पूंजी में इस बाल दिवस पर फिर इजाफा होगा।

58 वर्षीय राकेश वालिया ने बताया कि जब वे चौथी कक्षा में पढ़ रहे थे, तब से डाक टिकट इकट्ठी करते आ रहे हैं। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी डाक टिकट की कलेक्शन करने में ही बिता दी और वे इसे ही अपनी पूंजी मानते हैं।
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वे फिलैटलिक कांग्रेस ऑफ इंडिया के लाइफ टाइम मेंबर हैं। वालिया ने बताया कि बाल दिवस से पहले पूरे देश में पेंटिंग प्रतियोगिताएं होती हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर तीन पेंटिंग्स का चयन होता है, जिनमें से एक को डाक टिकट पर अंकित किया जाता है। इसी तरह एक पेंटिंग फर्स्ट डे कवर पर और एक इनफॉर्मेशन ब्रॉशर पर अंकित की जाती है।
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वालिया ने बताया कि उनके पास इस समय 500 से ज्यादा विषयों की हजारों डाक टिकटें हैं, जैसे- पक्षियों, जानवरों, स्वतंत्रता सेनानियों, हवाई जहाज, समुद्री जहाज, वाइल्ड लाइफ, खास शख्सियतों आदि जैसे विषयों पर छपी दुनिया भर की डाक टिकटें हैं।

उन्होंने भारत ही नहीं बल्कि इंग्लैंड, अमेरिका, पाकिस्तान, यूगांडा, कीनिया और कई यूरोपिय देशों की भी डाक टिकटें जमा कर रखी हैं।

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