फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   City and States Archives ›   rakesh pathania statement on masjid case at kangra

धार्मिक सद्भावना पर चोट बर्दाश्त नहीं होगी : पठानिया

Thu, 14 Jan 2016 10:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नूरपुर (कांगड़ा)
ब्यूरो/अमर उजाला, नूरपुर (कांगड़ा) Updated Thu, 14 Jan 2016 10:08 PM IST
विज्ञापन
rakesh pathania statement on masjid case at kangra

नूरपुर विकास खंड की आघार ग्राम पंचायत में अल्पसंख्यक समुदाय की महिला प्रधान निर्वाचित होने को लेकर कुछ असामाजिक तत्वों की ओर से कथित उत्पात मचाने और धार्मिक स्थल (मस्जिद) को क्षति पहुंचा कर सांप्रदायिक एकता को भंग करने का प्रयास किया गया है।

विज्ञापन


यह बात पूर्व भाजपा विधायक राकेश पठानिया, नवनिर्वाचित महिला प्रधान गुलजारा बीबी और मौलवी शाहदीन ने वीरवार को नूरपुर प्रेस क्लब में आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने पुलिस-प्रशासन पर असामाजिक तत्वों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि सांप्रदायिक एकता और सद्भावना पर किसी तरह की चोट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विज्ञापन


बुधवार को इस वारदात की सूचना मिलने के बावजूद पुलिस ने रात को घटनास्थल पर जाने की हिम्मत नहीं की। जिसके बाद उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षक को सूचना दी, तब जाकर पुलिस की टीम वीरवार को मौके पर पहुंची। आघार पंचायत की नवनिर्वाचित प्रधान गुलजारा बीबी के पति एवं अल्पसंख्यक नेता याकूब खान ने कहा कि बुधवार रात को तेजधार हथियारों से लैस करीब दर्जन भर असामाजिक तत्वों से अपने परिजनों के घर में घुसकर जान बचाई।
विज्ञापन
विज्ञापन


आरोप लगाया कि इन गुंडातत्वों ने पहले धार्मिक स्थल में तोड़-फोड़ की, उसके बाद उसकी दुकान में भी तोड़-फोड़ करने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, जब उन्होंने करीब साढ़े 9 बजे पुलिस थाने में फोन किया तो उन्हें उल्टा पुलिस थाने आकर लिखित शिकायत देने को कहा गया।


पत्रकार वार्ता के दौरान पंचायत के मौलवी एवं पूर्व प्रधान शाहदीन ने कहा कि आघार पंचायत में हिंदू-मस्लिम पिछले कई दशकों से आपसी भाईचारे के साथ रह रहे हैं, लेकिन बुधवार रात को जिस तरह कुछ मुठ्ठी भर लोगों ने सांप्रदायिक सद्भावना को बिगाड़ने का काम किया है, वह निदंनीय है। उन्होंने प्रदेश सरकार से ऐसे असामाजिक तत्वों पर लगाम कसने की मांग की है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed