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ऊंची उड़ान में अभावों का रोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
Updated Sun, 20 Sep 2015 02:24 AM IST
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मेडल से गला भर गया है, लेकिन मेडल की भूख शांत नहीं हुई है। अब नार्थ जोन में मेडल लाकर जिले का नाम रोशन करने की तमन्ना है, लेकिन अभाव इसमें रोड़ा अटका रहे हैं। खेल में ऊंची उड़ान भर रही अलीगढ़ की एथलीट नीरज चौधरी को गरीबी पंख नहीं फैलाने दे रही है।
49 यूपी स्टेट एनुअल एथलीट चैंपियनशिप में गोला और डिक्कस थ्रो (तश्तरी फेंक) और शार्ट पुट (गोला फेंक ) में रजत पदक लाने वाली नीरज चौधरी को खेल विभाग और एसोसिएशन से मदद की दरकार है। धर्मशाला में 26 सितंबर से नार्थ जोन प्रतियोगिता शुरू हो रही है। नीरज को इसमें प्रतिभाग करना है, लेकिन आर्थिक हालात ऐसे नहीं हैं कि वह अपने दम पर इसमें खेलने जा सकें। नीरज ने अमर उजाला को बताया कि वह धर्म समाज महाविद्यालय में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा है। पिता परमाल सिंह देहात के एक निजी स्कूल में शिक्षक हैं। उन्होंने उसे गांव तोछीगढ़ से अलीगढ़ तो खेल के भेज दिया, लेकिन अब हालात ठीक नहीं हैं। नीरज का कहना है कि खेल एसोसिएशन और कोच की मदद के बिना वह उपलब्धि नहीं हासिल कर पाएंगे। वह चाहती है कि एसोसिएशन उनको खेलने भेजे और स्टेडियम के कोच उनको प्रशिक्षित करें, ताकि वह अलीगढ़ का नाम रोशन कर सके।
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49 यूपी स्टेट एनुअल एथलीट चैंपियनशिप में गोला और डिक्कस थ्रो (तश्तरी फेंक) और शार्ट पुट (गोला फेंक ) में रजत पदक लाने वाली नीरज चौधरी को खेल विभाग और एसोसिएशन से मदद की दरकार है। धर्मशाला में 26 सितंबर से नार्थ जोन प्रतियोगिता शुरू हो रही है। नीरज को इसमें प्रतिभाग करना है, लेकिन आर्थिक हालात ऐसे नहीं हैं कि वह अपने दम पर इसमें खेलने जा सकें। नीरज ने अमर उजाला को बताया कि वह धर्म समाज महाविद्यालय में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा है। पिता परमाल सिंह देहात के एक निजी स्कूल में शिक्षक हैं। उन्होंने उसे गांव तोछीगढ़ से अलीगढ़ तो खेल के भेज दिया, लेकिन अब हालात ठीक नहीं हैं। नीरज का कहना है कि खेल एसोसिएशन और कोच की मदद के बिना वह उपलब्धि नहीं हासिल कर पाएंगे। वह चाहती है कि एसोसिएशन उनको खेलने भेजे और स्टेडियम के कोच उनको प्रशिक्षित करें, ताकि वह अलीगढ़ का नाम रोशन कर सके।
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