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वो हंसाने वाला रुला गया सबको...
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 25 Nov 2013 06:28 PM IST
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थके हारें हों या फिर टेंशन में....स्वर्गीय जसपाल भट्टी का शो देखते ही सब टेंशन गायब। अब टेंशन दूर करने वाला नहीं है पर उसके शो और फिल्में अभी भी उनकी यादें ताजा करती हैं।
कमेडी किंग जसपाल भट्टी की मौत एक साल पहले सड़क दुर्घटना में हो गई थी। जसपाल भट्टी को याद करते हुए उनकी पत्नी सविता भट्टी के आंखों में आंसू आ जाते हैं।
उनकी आंखों के सामने वह मंजर घूम जाता है जब भट्टी साहब की मौत हुई। फिर कहती हैं कि एक साल कैसे बीता उनको ही मालूम है। बेटा जसराज अभी भी पिता को याद करके रो पड़ता है।
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सविता भट्टी ने बताया कि भट्टी साहब ने कालेज के समय ही नानसेंस क्लब बना लिया था। एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे और इसी वजह से हर काम सलीके से करना उनकी फितरत रही।
कमेडी का शौक कालेज के दिनों से ही रहा। सविता भट्टी ने कहा कि उनका फ्लाप शो जब शुरू हुआ तो लोगों ने काफी तारीफ की। यह शो नाम के जस्ट अपोजिट निकला।
शो सुपरहिट साबित हो गया। महंगाई हो या प्याज की कीमतों में इजाफा भट्टी साहब टोली लेकर सेक्टर-17 के प्लाजा में पहुंच जाते और अपनी खास अदाओं से सबको लुभाते।
सेक्टर-17 मिस करता है आपको
सविता भट्टी ने कहा कि भट्टी साहब की खूबी थी कि समसामयिक विषयों और पब्लिक की समस्याओं को अपने स्टाइल में लेते थे। उन्होंने महंगाई के साथ ही स्क्रिप्ट तैयार कर डाली थी। पेट्रोल की महंगाई पर उन्होंने जो नाटक किए वह देखने वाले रहे।
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कमेडी किंग जसपाल भट्टी की मौत एक साल पहले सड़क दुर्घटना में हो गई थी। जसपाल भट्टी को याद करते हुए उनकी पत्नी सविता भट्टी के आंखों में आंसू आ जाते हैं।
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उनकी आंखों के सामने वह मंजर घूम जाता है जब भट्टी साहब की मौत हुई। फिर कहती हैं कि एक साल कैसे बीता उनको ही मालूम है। बेटा जसराज अभी भी पिता को याद करके रो पड़ता है।
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सविता भट्टी ने बताया कि भट्टी साहब ने कालेज के समय ही नानसेंस क्लब बना लिया था। एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे और इसी वजह से हर काम सलीके से करना उनकी फितरत रही।
कमेडी का शौक कालेज के दिनों से ही रहा। सविता भट्टी ने कहा कि उनका फ्लाप शो जब शुरू हुआ तो लोगों ने काफी तारीफ की। यह शो नाम के जस्ट अपोजिट निकला।
शो सुपरहिट साबित हो गया। महंगाई हो या प्याज की कीमतों में इजाफा भट्टी साहब टोली लेकर सेक्टर-17 के प्लाजा में पहुंच जाते और अपनी खास अदाओं से सबको लुभाते।
सेक्टर-17 मिस करता है आपको
सविता भट्टी ने कहा कि भट्टी साहब की खूबी थी कि समसामयिक विषयों और पब्लिक की समस्याओं को अपने स्टाइल में लेते थे। उन्होंने महंगाई के साथ ही स्क्रिप्ट तैयार कर डाली थी। पेट्रोल की महंगाई पर उन्होंने जो नाटक किए वह देखने वाले रहे।