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'अब मिस्टर यूनिवर्स जीतना है'

Wed, 14 Aug 2013 10:39 AM IST
नवल किशोर यादव
नवल किशोर यादव Updated Wed, 14 Aug 2013 10:39 AM IST
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interview of tejendra singh

तेजेंद्र सिंह

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उत्तराखंड पुलिस में कांस्टेबल
विश्व पुलिस और फायर गेम्स में स्वर्ण पदक विजेता


देहरादून के तेजेंद्र सिंह ने लंदन में आयोजित विश्व पुलिस और फायर गेम्स में स्वर्ण पदक झटककर राज्य का नाम रोशन किया है। लौटने पर अमर उजाला से उन्होंने अपने अनुभव साझा किए।

उत्तराखंड पुलिस में कांस्टेबल डोईवाला माजरीग्रांट, शेरगढ़ निवासी तेजेंद्र सिंह को विदेश जाने का वीजा प्रतियोगिता से महज दो दिन पहले मिला और मुकाबला शुरू होने से एक घंटा पहले रजिस्ट्रेशन हुआ। तेजेंद्र ने बताया कि प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए उसको खुद प्रयास करना पड़ा। काश्तकार पिता सरदार हरिकिशन सिंह ने कर्ज लेकर उनके प्रतियोगिता में जाने का इंतजाम किया।
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बहुत भागदौड़ करनी पड़ी

ब्रिटिश हाई कमीशन से वीजा लेने के लिए भागदौड़ करनी पड़ी। एक अगस्त की शाम वीजा मिलने के बाद किसी तरह एयरपोर्ट से टिकट लिया। प्रतियोगिता लंदन आयरलैंड में हो रही थी और बॉडी बिल्डिंग के मुकाबले तीन अगस्त से शुरू थे। जब वह प्रतियोगिता स्थल पर पहुंचे तो खिलाड़ियों का रजिस्ट्रेशन समाप्त होने वाला था।
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किसी तरह नामांकन होने के बाद उन्हें प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिला। तेजेंद्र ने बताया कि विभाग के उच्चाधिकारियों ने भी पदक जितने पर उनकी हौसला अफजाई की है। 15 अगस्त को उन्हें सम्मानित किए जाने की बात कही है।

बचपन की चाहत बनी मंजिल
तेजेंद्र ने बताया कि बचपन से ही उन्हें अपनी बॉडी बनाने का शौक था। धीरे-धीरे उन्हें इसी को अपना लक्ष्य बना लिया। 2001 में उन्होंने पहली बार नॉर्थ इंडिया की एक प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया था, जिसमें वह टॉप 5 में आए थे। 2006 में वे पुलिस में भर्ती हुए और 2007 में पहली बार नेशनल में गोल्ड मेडल जीता था। 2009 में मिस्टर हरक्यूलिस का खिताब भी वह जीत चुके हैं।


उन्होंने बताया कि खेल की तकनीकी जानकारी उनको कोच बलदेव राज से मिली। रोजाना सुबह शाम चार से पांच घंटे वे निजी जिम में अभ्यास करते हैं। अब उनका अगला लक्ष्य सितंबर में पूना में होने वाली बॉडी बिल्डिंग की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के अलावा मिस्टर यूनिवर्स जीतना है।

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