बचपन से था पुलिस अफसर बनने का सपना
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कानून का उल्लंघन डीएसपी पुनीत रघु को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं। न्यायिक पारिवारिक पृष्ठभूमि से संबंध रखने वाले पुनीत हर कार्य को करने से पहले कानूनी पहलू की जांच अपने तौर पर करते हैं। इसके बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाते हैं।
बिलासपुर के देलग गांव के सेवानिवृत्त सेशन जज आरएल रघु और प्रवक्ता कमला रघु के बेटे, सीजेएम मंडी सचिन रघु के छोटे भाई डीएसपी पुनीत रघु की प्रारंभिक शिक्षा शिमला के दयानंद स्कूल में हुई। उन्होंने एमए (अंग्रेजी) और कानून की परीक्षा पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से पास की।
वर्ष 2008 में एचपीएस परीक्षा पास करने के बाद 2011 में उनकी पहली नियुक्ति डीएसपी ट्रैफिक शिमला में हुई। वह जनवरी, 2014 से बैजनाथ के डीएसपी तैनात हैं। पिता के न्यायाधीश होने के कारण घर में पुलिस अधिकारियों का आना-जाना रहता था।
बचपन में यहीं से पुनीत के मन में पुलिस अधिकारी बनने का सपना जगा। 33 वर्षीय पुनीत रघु का मानना है कि पुलिस एक ऐसा विभाग है, जो समाज के प्रत्येक व्यक्ति की तुरंत सहायता कर सकता है।
छात्र जीवन से लक्ष्य बनाना जरूरी
पुनीत कहते हैं कि युवाओं को छात्र जीवन से अपने लक्ष्य का निर्धारण कर लेना चाहिए। मेहनत इंसान को कामयाबी के रास्ते पर लाने में सहायक रहती है। युवाओं को एचपीएस की तैयारी के लिए सही मार्गदर्शन लेना चाहिए।
कॉलेज में प्राध्यापकों से काउंसलिंग लेनी चाहिए। आसपास के इलाकों के नवनियुक्त प्रशासनिक अधिकारियों से तैयारी के टिप्स लेने चाहिए। सामान्य ज्ञान के लिए इंटरनेट पर सरकारी वेबसाइटों का इस्तेमाल करना चाहिए।
चंडीगढ़ में ली कोचिंग
पढ़ाई में शुरू से ही टॉप पर रहने वाले पुनीत ने एमए (अंग्रेजी) और कानून की पढ़ाई करने के बाद चंडीगढ़ में कोचिंग ली और मुकाम को हासिल करने में कामयाब रहे। एचपीएस बनना उनकी पहली पसंद रही।