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'जीवन में मेहनत का कोई शॉर्टकट नहीं है'

Tue, 02 Dec 2014 01:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर Updated Tue, 02 Dec 2014 01:46 PM IST
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HAS officer Vijay Kumar.

जीवन में मेहनत जरूरी है और इसका कोई शॉर्टकट नहीं हैं। अभिभावकों को बच्चों पर जबरन कोई विषय नहीं थोपना चाहिए। अपनी रुचि के अनुसार विषय का चयन करके और कड़ी मेहनत से जीवन में मुकाम पाया जा सकता है। यह कहना है एचएएस अधिकारी विजय कुमार का।

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चंबा जिले की सरोल पंचायत में जन्मे विजय कुमार ने जम्मू यूनिवर्सिटी से स्नातकोत्तर की पढ़ाई की। इसके बाद चंबा जिले के सीनियर सेकेंडरी स्कूल सिहुंता में स्कूल लेक्चरर के पद पर सेवाएं देना शुरू किया। साथ में एचएएस की तैयारी करते रहे।
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वर्ष 2002 में एचएएस परीक्षा उत्तीर्ण कर काजा में सहायक आयुक्त विकास एवं बीडीओ के पद पर तैनात हुए। वर्ष 2005-06 में काजा के पारछू में झील फटने से इलाके में काफी नुकसान हुआ। क्षतिग्रस्त सड़क को बहाल कर सेब ढुलाई को सुचारु बनाया। प्रभावितों को सरकार से हरसंभव राहत दिलाई।
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इसके बाद भू-अधिग्रहण अधिकारी मंडी के पद पर रहते हुए एनएच जाहू-भोटा-कलखर-नेरचौक-ऊना और हमीरपुर बस स्टैंड बाईपास के निर्माण को भूमि का अधिग्रहण करवाकर प्रभावितों को उचित मुआवजा दिलाया। करसोग, सरकाघाट, पांवटा साहिब में एसडीएम और धर्मशाला में एसी-टू-डीसी के पद पर कार्य करने के बाद वर्तमान में विजय हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड में सचिव के पद पर हैं।

एक अच्छे कवि भी हैं विजय कुमार

विजय कुमार एक सफल प्रशासनिक अधिकारी के साथ एक अच्छे कवि भी हैं। हंस पत्रिका, गिरिराज समेत अन्य पत्रिकाओं में दर्जनों कविताएं, कहानियां, हास्य कविताएं, सामाजिक विषयों पर लेख लिख चुके हैं। पूर्व में अमर उजाला में भी उनकी कहानी को सर्वश्रेष्ठ कहानी का खिताब मिल चुका है।


लक्ष्य को केंद्रित कर करें तैयारी

विजय का कहना है कि पढ़ाई करना अलग बात है, लेकिन प्रतियोगिता की तैयारी करना एकेडमिक एजूकेशन से अलग है। शुरू से ही अपने लक्ष्य को केंद्रित कर प्रतियोगिता की तैयारी करनी चाहिए। सेल्फ स्टडी के अलावा संपादकीय लेख और विभिन्न प्रतियोगी पुस्तकों को पढ़ना चाहिए।

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