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आधा सत्र बीत गया बच्चों को नहीं मिली किताबें

Fri, 07 Dec 2018 11:55 PM IST
farrukhabad
farrukhabad Updated Fri, 07 Dec 2018 11:55 PM IST
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Half year passed, children did not find books
मेहंदी दिखाती बा विद्यालय की छात्राएं - फोटो : amar ujala

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कमालगंज। प्रदेश सरकार प्राथमिक और परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के प्रयास निरंतर कर रही है लेकिन मातहत उम्मीदों पर पानी फेर रहे हैं। शिक्षा की गुणवत्ता को दूर यहां आधा सत्र बीतने के बाद अभी तक बच्चों को किताबें तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। बिना किताबों के ही बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। शुक्रवार को डीसी के निरीक्षण बलीपुर स्कूल में ऐसी स्थिति नजर आई।जिला समन्वयक बालिका शिक्षा सरिता त्रिवेदी को प्राथमिक विद्यालय बलीपुर में निरीक्षण किया। यहां पंजीकृत 292 में से 220 बच्चे ही मिले। यहां 30 बच्चों को स्वेटर व 50 बच्चों को जूते नहीं दिए गए थे। यूनिफार्म वितरण का न तो कुटेशन और न ही रजिस्टर पूरा मिला। एनपीआरसी ने विद्यालय में पुस्तकें भी मुहैया नहीं कराईं। बच्चे किताबों के बिना ही पढ़ाई कर रहे हैं। इस पर वहां के एनपीआरसी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय बलीपुर में 176 से 108 बच्चे मौजूद मिले। यहां 45 बच्चों जूते और 30 को स्वेटर नहीं दिए गए। यहां भी यूनिफार्म व स्वेटर वितरण के अभिलेख अधूरे मिले। प्राथमिक विद्यालय मोहनपुर में 195 के सापेक्ष 87 बच्चे मिले। यहां भी स्वेटर वितरण के अभिलेख अधूरे थे। कन्या प्राथमिक विद्यालय कमालगंज में 127 में मात्र 67 बच्चे ही उपस्थित थे। यहां रोजाना एमडीएम में 85 से 90 बच्चे अंकित किए जाते हैं। प्राथमिक विद्यालय बीबीपुर में भी मेन्यू के अनुसार एमडीएम नहीं परोसा गया था। यहां भी अभिलेख अधूरे थे। बा विद्यालय में एल्युमिनायी बैठक होती मिली। यहां डीसी ने छात्राओं को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता चेक की। छात्राओं ने डीसी के समक्ष नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। वहां मेहंदी लगाओ प्रतियोगिता भी हुई। अमित पाठक, प्रभारी वार्डेन रंजना यादव, प्रीति सिंह, रचना सिंह, शीलू पाल आदि मौजूद रही।
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