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शिक्षक के अंदाज में पढ़ाते हैं कानून का पाठ

Fri, 21 Nov 2014 10:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंबा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंबा Updated Fri, 21 Nov 2014 10:41 AM IST
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DSP chamba Vir bhadur singh.

स्कूली छात्रों से लेकर आम शहरी तबका उनका छात्र है। वह कानून का पाठ ठीक उसी अंदाज में पढ़ाते हैं, जिस अंदाज में कभी बच्चों को शिक्षा दिया करते थे। चंबा में डीएसपी पद पर तैनात वीर बहादुर युवाओं के लिए रोल मॉडल हैं। उनका मानना है कि अगर बच्चों को स्कूल स्तर पर कानून की जानकारी दी जाए तो वे भविष्य में सभ्य नागरिक बनकर उभरेंगे।

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वर्ष 2011 में एचपीएस से पास आउट होने के बाद इन्हें बद्दी क्षेत्र में डीएसपी पद पर तैनाती मिली। इसके बाद जम्मू-कश्मीर और चंबा की सीमा में डीएसपी बार्डर तैनात हुए। वर्तमान में चंबा जिले में इसी पद पर सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह लोकसेवा में जाना चाहते थे।
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जवाहर नवोदय विद्यालय पंडोह से सेकेंडरी और जीवाजी विश्वविद्यालय से जीव विज्ञान में एमएससी के बाद उन्हें जेएनवी पटियाला में बतौर प्रवक्ता नियुक्ति मिली। इसके बाद वह प्रदेश के एक सरकारी स्कूल में अध्यापक रहे। इस बीच, वह एचपीएस के लिए चयनित हो गए। अक्तूबर 2011 में बद्दी में सबसे पहले डीएसपी पद का कार्यभार संभाला। इनके पिता बंगालीराम प्रदेश विद्युत बोर्ड में कार्यरत थे, जबकि माता गृहिणी हैं।
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33 वर्षीय वीर बहादुर का मानना है कि समाज के परिवर्तन में युवा वर्ग एक विशेष भूमिका रखता है। इसके लिए मौजूदा समय में युवा वर्ग को कानून व्यवस्था के साथ हर क्षेत्र में बेहतर परिणाम लाने को कड़ी मेहनत करनी चाहिए।

अपराध रोकने में आगे आएं युवा
कानून व्यवस्था को बनाने में युवा सहायता करें। पुलिस ने फोन नंबर हर जगह डिस्पले कर रखे हैं। यदि कहीं अपराध हो रहा हो तो युवा दूरभाष से पुलिस की मदद कर सकते हैं। समाज में अपराध और भ्रष्टाचार को सामने लाने में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।


ऐसे की तैयारी
प्रशासनिक सेवा में जाने को वीर बहादुर ने कई किताबें पढ़ीं। वह 15 घंटे पढ़ाई करते थे। विशेषतौर पर राजनीतिक घटनाओं में उनकी खास रुचि थी। कहा कि समाचारपत्र और पत्रिकाओं से उन्हें पूरे विश्व की जानकारी मिली। उन्होंने एचपीएस की परीक्षा दी, जिसमें चयन हो गया।

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