गोमती को निखारने का काम अगले माह से
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अष्टभुजा प्रसाद तिवारी, वीसी एलडीए
गोमती रिवर फ्रंट डवलपमेंट सरकार की प्राथमिकताओं में है। यह शहर की खूबसूरती में चार चांद लगा देगा। एक माह के अंदर गोमती को खूबसूरत बनाने का काम शुरू हो जाएगा।
ड्रेजिंग के लिए मशीनें आ गई हैं। पहले चरण में हनुमान सेतु से पक्का पुल तक के करीब 1.7 किमी के हिस्से को लिया गया है। प्रकृति से छेड़छाड़ किए बगैर गोमती को यूरोपीय तर्ज पर खूबसूरत बनाया जा सके।
इसके लिए आईआईटी रुड़की का सहयोग लिया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में जर्मन कंपनी अरबन एक्वा की भी अहम भूमिका रहेगी।
बड़े हिस्से को ऑक्सीजन देगा जनेश्वर मिश्र पार्क
गोमतीनगर
में बन रहा जनेश्वर मिश्र पार्क लखनऊ के बड़े हिस्से को ऑक्सीजन देगा।
इसकी गिनती विश्व के सबसे बड़े पार्कों लंदन के हाइट पार्क और अमेरिका के
सेंट्रल पार्क के साथ होगी।
यहां 100 से ज्यादा दुर्लभ प्रजाति के पौधे
लगाए जाएंगे। बैम्बू की 85 प्रजाति और दुर्लभ कैक्टस इसकी पहचान होंगे।
इसके अलावा करीब 24 किमी का जॉगिंग, वॉकिंग और साइकिल ट्रैक होगा।
हरियाली
को काटने के बजाय ट्रांसलोकेट किया जाएगा। इसी तरह जयप्रकाश इंटरनेशनल
सेंटर भी लखनऊ की पहचान बनेगा। इसका काम भी युद्धस्तर पर चल रहा है।
शिकायतें और भ्रष्टाचार खत्म करने पर जोर
पब्लिक
की शिकायतें दूर करना और भ्रष्टाचार खत्म करना मेरी प्राथमिकताओं में है।
फर्जी रजिस्ट्रियों की समस्या से निपटने के लिए मैंने रजिस्ट्री सेल बनाई
है। उसमें कई बैरियर बनाए ताकि फर्जीवाड़ा न हो सके।
इसके अलावा नक्शों को
लटकाए जाने की कमी को दूर किया। नक्शे लंबित न रहें, इसके लिए हर माह
टेक्निकल कमेटी की बैठक कराई जा रही है। अवैध निर्माण पर लगाम लगाने के लिए
टीमें लगा दी गई हैं। इस पर लगातार काम हो रहा है।
चक गंजरिया होगा सीजी सिटी
चक
गंजरिया प्रोजेक्ट पूरे प्रदेश के लिए रोल मॉडल होगा। एक ही स्थान पर आईटी
सिटी, मेडिसिटी, आवासीय और व्यावसायिक योजनाएं और करीब 25 एकड़ में बनी
एटीआई सिग्नेचर बिल्डिंग देखने लायक होगी।
चक गंजरिया प्रोजेक्ट को सीजी
सिटी नाम देने का विचार है। मुख्यमंत्री की सहमति मिलते ही इसके नाम की
घोषणा कर दी जाएगी।
जल्द आएंगे एलडीए के प्लॉट
बहुत
दिनों से लोगों को एलडीए के प्लॉट का इंतजार है। जल्द ही उनका यह इंतजार
भी खत्म होगा। आईआईएम रोड और हरदोई रोड के बीच प्रबंध नगर योजना लांच की
जाएगी। किसानों से बात चल रही है।
यहां करीब 1200 एकड़ जमीन है। धारा 4 (6)
और प्रतिकर जमा करने का काम पूरा हो चुका है। 1200 में से 600 एकड़ जमीन
के लिए किसानों से बात लगभग फाइनल हो चुकी है। बाकी 600 एकड़ के लिए बात चल
रही है।
गुजरात और मध्यप्रदेश के पैटर्न पर और नए भूमि अधिग्रहण बिल के
आधार पर जल्द ही नया लैंड बैंक बनाया जाएगा। मोहान रोड की योजना के लिए भी
एलडीए के करोड़ों रुपये प्रतिकर के रूप में ट्रेजरी में जमा हैं।