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डायट में शिक्षकों ने किया हंगामा, बीएसए को घेरा

Thu, 20 Jul 2017 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव Updated Thu, 20 Jul 2017 12:15 AM IST
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at diot teachers chaosed
gathering of teachers - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

बेसिक शिक्षा परिषद की नई स्थानांतरण नीति में शिक्षकों के समायोजन व ट्रांसफर में 30 अप्रैल की छात्र संख्या को आधार बनाया गया है। जिसके तहत जिले के 1268 शिक्षक समायोजन में सरप्लस शिक्षक चिन्हित हुए। समायोजन में कनिष्ठ शिक्षक को शामिल किया गया है। कनिष्ठ शिक्षकों में अधिकांश गणित विषय के टीचर समायोजन के दायरे में आए हैं। इन शिक्षकों की हाल ही के महीनों में स्कूलों में तैनाती की गई थी। शासन से जारी गाइड लाइन के खिलाफ शिक्षकों ने सरकार में विरोध भी दर्ज कराया मगर बेनतीजा रहा। जो तीन दिनों से चल रही काउंसिलिंग में बुधवार को हंगामे का अहम कारण बना। डायट परिसर में आयोजित काउंसिलिंग में प्राथमिक स्कूल के 118 व जूनियर के 72 शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल थीं। सुबह 11 बजे से होने वाली काउंसिलिंग तैयारियों की लेट लतीफी के कारण एक घंटे बाद शुरू हो सकी। सूची तैयार करने में अनियमितता के आरोप लगा रहे शिक्षकों का गुस्सा बीएसए दीवान सिंह यादव के पहुंचते ही फूट पड़ा। शिक्षकों ने बीएसए का घेराव करने के साथ ही नारेबाजी कर हंगामा कर दिया। शिक्षकों के प्रदर्शन से काउंसिलिंग हाल मेें अफरा तफरी मच गई। बीएसए जैसे तैसे शिक्षकों की भीड़ से बचकर बाहर निकलने में सफल रहे। कुछ ही पलों में बीएसए अपने चहेतों के साथ डायट परिसर से नदारद हो गए। करीब दो बजे भारी पुलिस बल के पहुंचते ही बीएसए भी पहुंच गए। पुलिसकर्मियों ने लाठी पटक शिक्षकों की भीड़ को तितर बितर किया। तब कहीं जाकर काउंसिलिंग शुरू हुई। शाम 4.30 बजे तक चली काउंसिसिंग में प्राथमिक विद्यालय के 118 शिक्षकों में से 6 वहीं जूनियर के 30 शिक्षकों में 6 शिक्षक अनुपस्थित रहे।

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1268 सरप्लस शिक्षकों में से करीब 350 शिक्षक स्कूल फुल हो जाने से काउंसिलिंग का हिस्सा नहीं बन सके। समायोजन में शामिल शिक्षकों में तैनाती को लेकर ऊहापोह के हालात बने है। एक अधिकारी ने बताया कि इन शिक्षकों को यथावत स्कूलों में रखा जाएगा यह फिर दूसरे स्कूलों में विषय विशेषज्ञ के पद पर तैनाती दी जाएगी। इस पर फैसला जिला कमेटी करेगी। जिसकी अध्यक्ष डीएम व सचिव सीडीओ होते हैं।
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बीघापुर ब्लाक के गिरिजानगर जूनियर स्कूल में आठ साल से सहायक शिक्षिका के पद पर नियुक्त शालिनी अवस्थी भी समायोजन में शामिल थी। मंगलवार को बीआरसी में हुई काउंसिलिंग में शिक्षिका ने सथनी बालाखेड़ा जूनियर स्कूल का विकल्प चुनकर प्रक्रिया पूरी की। शिक्षिका का आरोप है कि मंगलवार देर शाम बीईओ सुषमा सेंगर ने फोन कर समायोजन गलत हो जाने की बात कही। बुधवार सुबह मुलाकात करने पर निलंबन की चेतावनी देकर दो अलग-अलग अप्लीकेशन लिखवाई। शिक्षिका ने बताया कि काउंसिलिंग के दौरान बीआरसी में सूची तक चस्पा नहीं कराई गई। बीईओ ने रिक्त स्कूलों की सूची देने से भी इंकार कर दिया। शिक्षिका व उसके भाई निशांत अवस्थी ने डीएम से मिलकर बीईओ के खेल से अवगत कराने की बात कही है। 

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