डीयू के इतिहास में पहली बार हुआ ये कमाल
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दिल्ली विश्वविद्यालय में पहली बार पाकिस्तान से एक छात्र पढ़ने आएगा। विदेशी छात्रों की कैटेगिरी के तहत इस छात्र ने आवेदन किया है। वहीं, इस बार आवेदन करने वाले चीनी छात्रों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
दिल्ली विश्वविद्यालय में विदेशी छात्र (पंजीकरण) की डिप्टी डीन डॉ. अमृत कौर बसरा ने बताया कि इस बार कुल 2098 आवेदकों ने विदेशी छात्रों की कैटेगिरी के तहत आवेदन किया है।
खासकर इस बार पाकिस्तान से भी एक छात्र ने फॉर्म भरा है। उन्होंने बताया कि इस बार जापान और चीन से भी आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिली है।
विदेशियों की हिन्दी में बढ़ती रुचि
अब तक 30-40 चीनी छात्र आवेदन करते थे लेकिन इस बार यह संख्या 50 तक पहुंची है। चीनी छात्रों ने खासकर इतिहास और हिन्दी पढ़ने में रुचि दिखाई है। विदेशियों में तिब्बत के छात्रों ने सबसे अधिक 500 फॉर्म भरे हैं, जबकि नेपाल के 300 आवेदकों ने आवेदन किया है।
डॉ. बसरा कहती हैं कि नेपाल और तिब्बत जैसे देशों से आवेदक तो आते ही हैं लेकिन जिस तरह से अन्य जगहों से भी आवेदन आए हैं, उससे साफ जाहिर है कि डीयू की लोकप्रियता अन्य देशों भी बढ़ रही है। अच्छे शैक्षणिक माहौल के चलते सार्क देशों से भी आवेदन आ रहे हैं।
नॉर्थ कैंपस के कॉलेजों का क्रेज
जहां तक कॉलेज की बात है तो विदेशी छात्रों की पसंद एसआरसीसी, हिंदू, एलएसआर और हंसराज जैसे कॉलेज हैं। इनके अलावा शहीद भगत सिंह कॉलेज और कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडी के नाम भी सामने आए हैं।
विदेशी छात्रों में बीकॉम कोर्स सबसे पसंदीदा विषय है। वहीं, इस कैटेगिरी के छात्रों के बीच अंग्रेजी, राजनीति शास्त्र, बीटेक कंप्यूटर साइंस, गणित, फिजिक्स और बॉटनी भी काफी पॉपुलर हैं।