डीयू: नया सत्र शुरू होने में हो सकती है देरी
डीयू में अगले सप्ताह से शुरू होने वाले नए सत्र 2014-15 के शुरू होने में भी देरी हो सकती है। एफवाईयूपी के समाप्त होने के बाद तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम की वापसी के कारण यह स्थिति बनती दिख रही है।
कॉलेज प्रिंसिपल भी मान रहे हैं कि उनके सामने अनिश्चितता की स्थिति है। दरअसल, एफवाईयूपी खत्म होने के बाद तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम कोर्स का पुनर्गठन अब तक नहीं हो पाया है।
दिल्ली विश्वविद्यालय के एकेडमिक कैलेंडर के अनुसार नए सत्र की शुरुआत 21 जुलाई से होनी है, लेकिन यह सेशन एक सप्ताह लटकता दिख रहा है।
कब होगी बैठक पता नहीं
दरअसल, सेशन शुरू करने के लिए सबसे जरूरी है कोर्स का पुनर्गठन करना। इसके लिए विभिन्न विभागों की कोर्स ऑफ कमेटी की बैठक जरूरी है। अभी तक केवल सोशल वर्क, राजनीति शास्त्र और बॉटनी जैसे विषयों के लिए कमेटी ऑफ कोर्स की बैठक होने की बात सामने आ रही है।
सभी विभागों की कोर्स ऑफ कमेटी की बैठक के बाद ही कोर्स के पुनर्गठन को एकेडमिक काउंसिल व एग्जीक्यूटिव काउंसिल में मंजूरी के लिए रखना होगा।
इस प्रक्रिया के बाद ही कोर्स को हरी झंडी मिल सकेगी। अब तक एकेडमिक काउंसिल और एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक के लिए तिथि तय नहीं की गई है।
FYUP की वजह से फंसा पेंच
माना जा रहा है कि 18 के बाद ही एसी और ईसी की बैठक संभव हो पाएगी। कॉलेजों के प्रिंसिपल भी यह मान रहे हैं कि अगले सप्ताह से नए सत्र को शुरू करने को लेकर अनिश्चितता है।
प्रिंसिपल की मानें तो जब तक कोर्स का पुनर्गठन नहीं हो जाता, तब तक कॉलेज पाठ्यक्रम को पढ़ाने के लिए वर्कलोड का निर्धारण नहीं कर सकते।
मालूम हो कि यूजीसी की स्थायी समिति की सिफारिशों के बाद डीयू प्रिंसिपल कमेटी ने भी यह तय किया है कि एफवाईयूपी बैच के जो छात्र एक साल की पढ़ाई कर चुके हैं, उन्हें 12 से 14 मुख्य पेपर पास करने होंगे। साथ ही दो या चार कन्करेंट पेपर भी पढ़ने होंगे। इसके अलावा एनवॉयरमेंटल स्टडी का पेपर अनिवार्य रूप से पढ़ना होगा। चाहे फिर वह दूसरे साल में पढ़ें या फिर तीसरे साल में।
21 जुलाई को पहुंचने की अपील
सत्र देरी से शुरू होने की आशंका के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ किया है कि वह छात्रों और शिक्षकों को आश्वस्त करना चाहता है कि सत्र 21 जुलाई से शुरू करने के उपाय किए जा रहे हैं।
डीयू रजिस्ट्रार अलका शर्मा की ओर से जारी विज्ञप्ति में छात्रों और शिक्षकों से अनुरोध किया गया है कि वह संबंधित कॉलेजों में शिक्षण कराने और टाइम टेबल प्राप्त करने के लिए रिपोर्ट करें।
प्रशासन ने साफ किया है कि शिक्षण कार्यक्रम को सक्षम करने के लिए आवश्यक सभी प्रक्रियाओं का ध्यान रखा जा रहा है। इसके लिए प्रत्येक विभाग की कमेटी ऑफ कोर्स सभी विषयों के छात्रों के लिए शिक्षण कार्यक्रम निर्धारित करने के लिए बैठक कर रही है।