फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Campus Archives ›   More applicants of class 12 in ITI than class 10

छात्रों का डिग्री कोर्स से मोहभंग, डिप्लोमा की ओर रुझान

Sun, 29 Jun 2014 03:55 PM IST
कुंदन तिवारी/अमर उजाला, फरीदाबाद
कुंदन तिवारी/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Sun, 29 Jun 2014 03:55 PM IST
विज्ञापन
More applicants of class 12 in ITI than class 10

तकनीकी शिक्षा में जिस प्रकार से डिग्री होल्डरों को नौकरी के लाले पड़ रहे हैं और उन्हें कोई पांच हजार रुपये में भी काम देने को तैयार नहीं है, इसे देखकर अब लगता है कि विद्यार्थियों का डिग्री कोर्स से मोहभंग होने लगा है।

विज्ञापन


इसका अंदाजा इस बार की औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) की मेरिट सूची से लगाया जा सकता है। आईटीआई में आवेदन करने वाले 2,675 विद्यार्थियों में अधिकांश 12वीं पास हैं, जबकि यह कोर्स 10वीं कक्षा पास विद्यार्थियों के लिए अधिक कारगर है।
विज्ञापन


कॉलेज के प्रधानाचार्य भगत सिंह के मुताबिक, आज तक के इतिहास में आईटीआई में 98.66 फीसदी मेरिट सूची कभी नहीं गई है। हैरानी की बात ये है कि आईटीआई के तहत कराए जाने वाले विभिन्न ट्रेडों में सर्टिफिकेट कोर्स को लेकर इस बार जिस क्वॉलिटी के विद्यार्थियों ने आवेदन किया है, वह भी चौंकाने वाला है। इसको लेकर चर्चा भी शुरू हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एफआईए) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एसके गोयल का कहना है कि प्रदेश में लगातार कुकुरमुत्ते की तरह तकनीकी कॉलेज खुल रहे हैं, जिसमें बीटेक-एमटेक की डिग्रियां रेवड़ी की तरह बांटी जा रही हैं।

इसके बावजूद हर साल कॉलेजों में सीटें खाली रह जाती हैं, क्योंकि इन संस्थानों में फैकल्टी व स्किल्ड प्रोफेशनल तैयार करने की कोई भी व्यवस्था नहीं है। संस्थानों में रोजगारपरक शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है।

इस कारण डिग्री होल्डरों की यह दुर्दशा है, जबकि आईटीआई में प्रशिक्षित व स्किल्ड प्रोफेशनल्स तैयार हो रहे हैं। जो सॉफ्टवेयर से चलने वाली अत्याधुनिक मशीनों के अच्छे जानकार हैं। कंपनी चलाने के लिए प्रोफेशनल्स की जरूरत है। डिग्री होल्डर से उनका मसला हल नहीं हो रहा है।

मेरिट में टॉप पांच स्कोरर सभी 12वीं उत्तीर्ण
नाम-------------10वीं का प्रतिशत-----स्थान
श्याम सुंदर------------93.66---------------भुलवाना, पलवल
मीनाक्षी भारद्वाज-------92.16--------------सिकरोना, बल्लभगढ़
रोहित------------------90.23--------------भिढूकी, पलवल
अर्जुन------------------90.16---------------बंचारी, पलवल
कन्हैया-----------------90.00--------------सैनिक कॉलोनी, पलवल

जरा इनकी बात भी सुनें
-आईटीआई की मेरिट सूची में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाली गांव सिकरोना, बल्लभगढ़ निवासी मीनाक्षी भारद्वाज ने बताया कि 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद डिग्री-डिप्लोमा कोर्स करने से अच्छा है कि सिविल-मेकेनिकल में ड्राफ्टमैन या स्टेनो हिंदी-अंग्रेजी में सर्टिफिकेट कोर्स पूरा कर ले, जिसमें अपार संभावनाएं हैं।

-दिल्ली स्थित डीडीए में तैनात मीनाक्षी के पिता चेतराम का कहना है कि बेटी को डिग्री कोर्स कराना चाहते थे, लेकिन बेटी ने बताया कि डिग्री-डिप्लोमा होल्डर बाजार में मारे मारे घूम रहे हैं। बेटी के सुझाव पर पता चला कि चुने गए कोर्स के आधार पर दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी, एमसीडी, पीडब्ल्यूडी में आसानी से सरकारी नौकरी भी हासिल की जा सकती है, जबकि प्राइवेट कंपनियों में इनकी मांग पूरी नहीं हो पा रही है।


-गाजियाबाद के एक निजी संस्थान से मेकेनिकल में बीटेक करने वाले बृजेश तिवारी पिछले तीन माह से फरीदाबाद की कंपनियों की खाक छान रहे हैं, जिन्हें कंपनियों की ओर से एक ही जवाब मिल रहा है कि अगर आप ने आईटीआई की होती तो काम दे दिया जाता, लेकिन बीटेक के लिए कंपनी में रोजगार उपलब्ध नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed