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आईपीयू के दाखिलों में हो सकती है देरी
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 03 Jul 2014 04:23 PM IST
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आईपी यूनिवर्सिटी में शैक्षणिक सत्र 2014-15 के दाखिलों में देरी हो सकती है। दरअसल दिल्ली सरकार ने विश्वविद्यालय को एनओसी जारी करने के लिए कड़ी शर्तें लगा दी हैं।
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अब दिल्ली से बाहर के मान्यता प्राप्त कॉलेजों को भी अपनी कुल सीटों में से 85 फीसदी सीट राजधानी के छात्रों के लिए आरक्षित रखनी होंगी।
इसके साथ ही अब सरकार व विवि द्वारा गठित जांच कमेटी मौजूदा और नए कॉलेजों की जांच कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इसके बाद एनओसी जारी की जाएगी। जिसके बाद विवि में दाखिले शुरू हो सकेंगे।
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दिल्ली सरकार के उच्च शिक्षा निदेशालय के प्रशासनिक अधिकारी अतुल मारवाह की ओर से जारी किए गए पत्र के मुताबिक दिल्ली से बाहर स्थित विवि के लगभग 20-25 कॉलेजों को अपनी कुल सीटों में 85 फीसदी दिल्ली के छात्रों के लिए आरक्षित रखनी होंगी। क्योंकि उनकी मान्यता आईपीयू से प्राप्त हैं।
जबकि पहले कॉलेज अपनी मनमर्जी के मुताबिक, सीट जारी करते थे। वहीं विश्वविद्यालय के एमबीए डिग्री के बारे सरकार ने कहा है कि अगर उक्त प्रोग्राम के ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) के नियमों के तहत संचालित किए जा रहे हैं तभी उनमें दाखिल लिए जा सकेंगे।
इसके साथ ही कॉलेजों की मान्यता देने के लिए बनाई गई टीम में एक इंजीनियर को भी शामिल किया जाएगा। यह टीम कॉलेजों की मौजूदा बिल्डिंग, बेसमेंट और कमरों की जांच कर रिपोर्ट देगी।
नए कॉलेजों की मान्यता पर से पाबंदी हटी
सरकार ने नए सत्र के लिए नए कॉलेजों को मान्यता देने के लिए लगाई पाबंदी को हटा दी है। अब कॉलेज आठ जुलाई तक नई मान्यता के लिए आवेदन भर सकते हैं। इसके साथ ही सरकार ने कैंपस के स्पेस का एरिया 225 फीसदी बढ़ा दिया है। जिससे सीटों की संख्या में उछाल आने की संभावना है।