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डीयू में हॉस्टल मिलना भी नहीं है आसान
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 14 Jun 2014 04:34 PM IST
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दिल्ली विश्वविद्यालय में कॉलेजों में कोर्स की सीट हासिल करने के लिए ही मशक्कत नहीं करनी पड़ती, बल्कि हॉस्टल के लिए भी जद्दोजहद करनी पड़ती है। हॉस्टल में सीटों की संख्या कोर्स के अनुसार होती है। लिहाजा कुछ सीटों केलिए मेरिट लिस्ट में जगह बनानी पड़ती है।
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डीयू में मौजूदा समय में कुल 14 कॉलेजों समेत तीन डीयू प्रशासन के हॉस्टल हैं। इनमें छात्राओं के लिए नौ, छात्रों के लिए तीन और पांच हॉस्टल छात्र-छात्राओं दोनों के लिए हैं।
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इनमें से ज्यादातर नॉर्थ कैंपस में होने के कारण बाकी जगहों के छात्रों के लिए हॉस्टल की सीट पाने की मशक्कत और कठिन हो जाती है। कॉलेज की सीटों के मुकाबले हॉस्टल की सीटों की संख्या कम होने के कारण परेशानी ज्यादा होती है।
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ऐसे मिलती है सीट
सभी हॉस्टलों में कॉलेज की तरह ही मेरिट के आधार पर सीट मिलती है। यह मेरिट कट ऑफ के अंकों के आधार पर तैयार होती है। हॉस्टल के लिए सीटें कोर्स के आधार पर आवंटित होती हैं। जिस तरह कॉलेज में दाखिले के लिए कट ऑफ लिस्ट जारी की जाती है, उसी तरह हॉस्टल की सीटों के लिए भी मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है। अक्सर देखने में आता है कि कॉलेज की मेरिट लिस्ट कॉलेज की कट ऑफ से ऊंची ही जाती है।