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जामिया में बनेगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल

Thu, 17 Jul 2014 12:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 17 Jul 2014 12:00 PM IST
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Hospital and mediocal college will be in Jamia millia islamia

जामिया मिल्लिया इस्लामिया अब इलाज के साथ-साथ मेडिकल की पढ़ाई में भी छात्रों को दक्ष करेगा।

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जामिया अपने नए कैंपस में तीन सौ बेड का हॉस्पिटल समेत मेडिकल कॉलेज बनाएगा। यह कहना है कुलपति प्रो. तलत अहमद का।

पदभार संभालने के बाद पहली बार मीडिया से मुखातिब होते हुए प्रो. अहमद का कहना था कि जामिया दुनिया के टॉप 10 में शामिल हो, जिसके लिए प्रशासनिक व रिसर्च के क्षेत्र में काम करने पर जोर रहेगा।

जामिया कैंपस में बुधवार को कुलपति प्रो. तलत अहमद ने अमर उजाला से बात करते हुए कहा कि आगामी दो सालों में पहले तीन सौ बेड का हॉस्पिटल बनेगा और उसके बाद मेडिकल कॉलेज शुरू करवाकर मेडिकल की पढ़ाई। हॉल ही में सुप्रीम कोर्ट ने 114 बीघा विवादित जमीन का फैसला जामिया के हक में किया है।
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इसी ओखला स्थित 114 बीघा जमीन में मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल बनेगा। जल्द ही दिल्ली सरकार और मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय से भी सहयोग के लिए आवेदन करेंगे।
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जिससे देश की एकमात्र सेंट्रल माइनोरिटी यूनिवर्सिटी को मेडिकल कॉलेज मिल सके और कैंपस के आसपास सघन आबादी में रहने वाले लोगों अस्पताल की बेहतर चिकित्सा सुविधा का लाभ भी मिल सके।

उनका मानना है कि रिसर्च से विश्वविद्यालय को बेहतर मुकाम तो मिलता है तो साथ ही आम लोगों को फायदा। इसलिए फ्रांस, जर्मनी और यूके जैसे देशों के विश्वविद्यालयों के साथ सांझा रिसर्च कार्यक्रम शुरू करने पर काम करेंगे।

इससे जहां रिसर्च तकनीक में सुधार होगा। वहीं, नैनो टेक्नोलॉजी और थ्योरिटिकल फिजिक्स के अंदर जो रिसर्च चल रही हैं, उन्हें हम और बेहतर तरीके से कर सकेंगे। अब कोई भी प्रोफेसर प्रशासनिक डयूटी तीन साल से अधिक नहीं संभालेगा।

जिससे रिसर्च कार्य में बेहतर परिणाम आएंगे, क्योंकि अनुभवी प्रोफेसर के सहयोग से छात्र बेहतर रिजल्ट देंगे। इसके अलावा जामिया में पृथ्वी विज्ञान और पर्यावरण विज्ञान को बारीकि से समझने के लिए जामिया अर्थ एंड एटमॉस्फियर सेंटर खोलेगा।


यह एक विशिष्ट सेंटर होगा, जिसमें स्टडी के दौरान भूगर्भ के कई राज सामने आएंगे। चाहे वह पृथ्वी की उत्पति हो या फिर अणु कणों की बातें।

इसके अलावा जेंडर रेशो पचास-पचास फीसदी करने पर खास काम किया जाएगा। आगामी दिनों में पचास फीसदी सीट महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती हैं। बता दें कि प्रोफेसर तलत अहमद जामिया मिल्लिया इस्लामिया में कुलपति बनने से पहले कश्मीर विश्वविद्यालय के कुलपति रहे हैं।

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