फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Campus Archives ›   Gov will go to choose new VC for DU

डीयू में नया वीसी नियुक्त करने की तैयारी!

Wed, 25 Jun 2014 04:56 AM IST
Updated Wed, 25 Jun 2014 04:56 AM IST
विज्ञापन
Gov will go to choose new VC for DU

दिल्ली विश्वविद्यालय में चार वर्षीय प्रोग्राम को लेकर शुरू हुआ अब इस स्तर पर पहुंच चुका है कि सरकार डीयू के लिए नये वीसी की नियुक्ति की तैयारी शुरू कर दी है।

विज्ञापन


सोमवार को दिनभर चले हाई वोल्टेज ड्रामे में एक बार प्रो. डीके सिंह के इस्तीफा दे देने की खबरें भी आई थीं, जिसे बाद में नकार दिया गया। इससे अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि प्रो. डीके सिंह ने डीयू कुलपति पद से इस्तीफा दे दिया है या नहीं।
विज्ञापन


पर इस खबर सरकार डीयू में अपनी पसंद का वीसी नियुक्त करने का रास्ता साफ मान रही है और नये वीसी की नियुक्ति की तैयारी कर रही है। वहीं, राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चाएं गर्म हैं कि सरकार के इशारे पर ही यूजीसी प्रो. डीके सिंह विरोधी कार्रवाइयां कर रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

यूजीसी के फैसले का खुला स्वागत कर रही बीजेपी

Gov will go to choose new VC for DU

राजनीतिक दलों में दिल्ली यूनिवर्सिटी के पाठ्यक्रम में फेरबदल का श्रेय लेने की होड़ लग गई है। प्रदेश भाजपा ने जहां तीन वर्षीय स्नातक कोर्स लागू करने के यूजीसी के फैसले का स्वागत किया है।

पदाधिकारियों ने एक मत से कहा कि यह फैसला कर यूजीसी ने किसी भी प्रकार से डीयू की स्वायत्तता को कोई चुनौती नहीं दी है।उन्होंने निर्णय लिया कि बृहस्पतिवार को एक प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री स्मृति ईरानी से मिलकर डीयू में एडमिशन प्रक्रिया शुरू कराने की मांग करेगा।

मंगलवार को प्रदेश भाजपा पदाधिकारियों की एक विशेष बैठक प्रदेश प्रभारी प्रभात झा की अध्यक्षता में हुई। इसमें एक प्रस्ताव पारित कर यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) व केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली यूनिवर्सिटी में फिर से त्रिवर्षीय स्नातक कोर्स लागू करने पर दिल्लीवासियों की ओर से आभार प्रकट किया गया।

कुलपति ने भी कानूनी पहलुओं को भी खंगाला

Gov will go to choose new VC for DU

यूजीसी के निशाने पर आए डीयू के कुलपति प्रो दिनेश सिंह इस मामले में राहत की आस के साथ कानूनी पहलुओं को भी खंगाल रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में वह भाजपा नेता और मंत्री अरुण जेटली से मिल चुके हैं। वहीं आरएसएस के संघसंचालक मोहन भागवत से भी इस मामले को लेकर गुहार लगा चुके हैं लेकिन दोनों ही जगह से उन्हें निराशा हाथ लगी।

इस पर उन्होंने एकेडमिक फॉर एक्शन एंड डेवलपमेंट (एएडी) शिक्षक संगठन के जरिए डीयू की स्वायत्तता का हवाला देते हुए सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका लगाने का प्रयास किया लेकिन वहां से हाईकोर्ट जाने के लिए कह दिया गया। किस-किस तरह की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है, इस पर सलाह लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट के वकील सूरत सिंह को सलाह के लिए भी बुलाया गया।

तीन छात्रों पर मामला दर्ज

Gov will go to choose new VC for DU

डीयू के नॉर्थ कैंपस में चार वर्षीय प्रोग्राम को लेकर सोमवार दोपहर एक निजी चैनल के शो में हुए मारपीट मामले में मौरिस नगर थाना पुलिस ने तीन छात्र नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

मारपीट के दौरान जख्मी हुए असिस्टेंट प्रोफेसर सुरेंद्र कुमार की शिकायत पर छात्र नेताओं के खिलाफ मारपीट, जान से मारने की धमकी और एससी एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस के मुताबिक, सोमवार को एक निजी चैनल डीयू के गेस्ट हाउस में शिक्षकों औैर छात्र संगठनों के बीच डिबेट करा रहा था। पैनल में एनएसयूआई की ओर से विशाल चौधरी, करिश्मा ठाकुर और अमरीश रंजन पांडेय थे, जबकि एबीवीपी की ओर से रोहित चहल और डूसू अध्यक्ष अमन अवाना मौजूद थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed