FYUP ने ले ली पांच शिक्षकों की नौकरी
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दिल्ली विश्वविद्यालय में एफवाईयूपी समाप्त होने के बाद तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम की वापसी का असर शिक्षकों की नियुक्ति पर पड़ा है।
इसी बदलाव की वजह से श्यामलाल कॉलेज में एक माह पहले ही नियुक्त हुए पांच शिक्षकों को नौकरी से हटाने का फरमान कॉलेज गवर्निंग बॉडी ने सुनाया है।
कॉलेज गवर्निंग बॉडी अध्यक्ष के इस निर्णय की गूंज एकेडमिक काउंसिल में भी सुनाई पड़ी। शिक्षकों ने राहत की गुहार कुलपति से लगाई है।
नियुक्ति पत्र मिलने के बाद गई नौकरी
श्यामलाल कॉलेज में स्थायी नियुक्ति के लिए 26, 27 और 28 मई को साक्षात्कार हुआ था, जिसके बाद 29 मई को इतिहास के पांच शिक्षकों को नियुक्ति पत्र जारी कर दिया गया।
इन शिक्षकों ने दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया के दौरान काम भी किया, लेकिन जून के अंत में एफवाईयूपी की समाप्ति हो गई और उसकी जगह तीन वर्षीय डिग्री प्रोग्राम की वापसी हो गई।
कॉलेज सूत्रों के मुताबिक, इन्हीं बदलावों को आधार बनाकर चार जुलाई को शिक्षकों की नियुक्ति खत्म करने का आदेश दे दिया गया।
डीयू में अभी और होगा हंगामा
बताया जा रहा है कि इस आदेश को अभी विश्वविद्यालय की मंजूरी नहीं मिली है। अब कॉलेज गवर्निंग बॉडी की बैठक 22 जुलाई को होनी है, जो कि इस मामले के उठने से हंगामेदार हो सकती है।
एसी (एकेडमिक काउंसिल) सदस्य डॉ. राजेश झा ने कहा कि शिक्षकों को हटाया जाना गलत है। इसको लेकर बैठक में हंगामा भी हुआ।
उन्होंने कहा कि कुलपति से इन शिक्षकों को न हटाए जाने की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि कुलपति ने भरोसा दिया है कि किसी भी शिक्षक की नौकरी खत्म नहीं की जाएगी।