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DU: दाखिले का ओवर फ्लो रोकने को जारी किए हाई कट ऑफ
रश्मि शर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 02 Jul 2014 11:33 AM IST
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दिल्ली विवि में दाखिले के लिए जारी कट ऑफ ने सौ फीसदी जाकर अपना दम दिखाया है। हालांकि कट ऑफ का यह दम दूसरी व तीसरी कट ऑफ में भी जारी रखने की संभावना कॉलेज कर रहे हैं। तीसरी कट ऑफ में कुछ मामूली राहत के कारण कट ऑफ के कम होने की उम्मीद है।
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कॉलेज साफ कह रहे हैं कि दाखिले के ओवर फ्लो को रोकने के लिए ही यह रणनीति अपनाई गई है। जिसका फायदा कॉलेजों को पहले दिन मिला भी। वहीं वह यह भी मान रहे हैं कि बाहरवीं में 90 से 100 फीसदी अंक लाने वाले छात्रों की संख्या में इजाफा होने के कारण सेफ साइड लेने के लिए कॉलेजों को ऐसा करना पड़ा है।
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जानकार कह रहे हैं कि पॉपुलर कोर्सेज में कट ऑफ हाई रहने से कॉलेजों को छात्र न मिलने पर वह निश्चित रुप से कट ऑफ को कम करेंगे ऐसे में दाखिले का चांस तीसरी व चौथी में ही ज्यादा मिलेगा।
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डीयू की पहली कट ऑफ ज्यादातर सभी कॉलेजों में सभी कोर्सेज के लिए 94 फीसदी से अधिक ही है। ऐसे में पहली कट ऑफ के मुताबिक 90 फीसदी वालों लिए भी कॉलेज में नो एंट्री है। सीबीएसई बोर्ड केनतीजों में देश में 90 फीसदी से अधिक पाने वालों की संख्या 59,591 रही है। जबकि देश में 95 फीसदी व उससे अधिक पाने वालों की संख्या 8971 रही है।
दिल्ली की बात की जाए तो सबसे अधिक 12,778 छात्रों ने पाए 90 से 95 के बीच अंक प्राप्त किए हैं। वहीं 95 से अधिक पाने वाले भी दिल्ली में ही अधिक 2423 रहे हैं। ऐसे में इसका असर जहां पहली कट ऑफ पर पड़ा है। वहीं जानकार मान रहे हैं कि आने वाली कट ऑफ पर भी इसका असर देखने को मिलेगा।
बीते सालों के मुकाबले में भी कट ऑफ औसतन तीन से दस फीसदी तक बढ़ी है। लिहाजा कॉलेज दूसरी व तीसरी में इसे कम भी करते हैं तो ज्यादा अंतर नहीं होगा।
रामलाल आनंद कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ विजय शर्मा कहते हैं कि दो कट ऑफ के लिए सेफ साइड लेकर चले हैं। तीसरी कट ऑफ से कट ऑफ में कुछ गिरावट आ सकती है। इसका कारण वह बताते हैं कि बीते साल कई कॉलेजों में सीटों से काफी अधिक संखया में दाखिले हो गए।
अधिक संख्या में दाखिले होने के कारण संसाधन की कमी महसूस की गई। जिसके कारण काफी परेशानी हुई। आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज में बीते साल कंपयूटर साइंस का कट ऑफ 92 फीसदी रखा गया। जिसके कारण इस कोर्स में छात्रां का ओवर फ्लो हो गया और कॉलेज को परेशानी उठानी पड़ी।
लिहाजा इस साल पहले से ही कॉलेज ने कंपयूटर साइंस की कट ऑफ को 98-100 फीसदी कर दिया। यह साइंस वाले के लिए 98 फीसदी व नॉन साइंस वाले केलिए 100 फीसदी है। ऐसे में कॉलेज अगर इसको कम भी करता है तो तीसरी चौथी तक आते-आते 2 से 3 फीसदी की गिरावट करेगा। छात्र ना मिलने पर ही ज्यादा कमी की संभावना है।