डीयू: हिंदू कॉलेज का दाखिला विवाद पहुंचा कोर्ट
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दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में सत्र 2014-15 की दाखिला प्रक्रिया के दौरान खड़ा हुआ ईसीए दाखिला विवाद कोर्ट पहुंच गया है।
विशाल महाराज नामक एक आवेदक द्वारा दाखिल याचिका पर सोमवार को सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने डीयू और हिंदू कॉलेज दोनों से जवाब मांगा है।
कोर्ट ने पूछा है कि कॉलेज प्रबंध समिति के चेयरमैन के आदेश का पालन करना अनिवार्य है या फिर कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन के फैसले का। साथ ही ईसीए के कॉलेजों में लागू 5 फीसदी स्पोर्ट्स व ईसीए कोटे को लेकर उनकी नीति क्या है।
प्रिंसिपल ने रद्द किया ईसीए का ट्रायल
मालूम हो कि हिन्दू कॉलेज में स्पोर्ट्स व ईसीए कोटे तहत निर्धारित पांच फीसदी कोटे के तहत 37 सीटें हैं। इनमें 21 सीटें स्पोर्ट्स कोटे के लिए हैं, जबकि 16 सीटें ईसीए कोटे के अंतर्गत आती हैं।
कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. प्रद्युम्न कुमार ने बीती 4 जुलाई को एक नोटिस जारी कर 7 जुलाई को प्रस्तावित ईसीए ट्रॉयल को रद्द कर दिया। नोटिस में बताया गया कि कॉलेज चेयरमैन के आदेश पर ऐसा किया गया है।
कॉलेज प्रिंसिपल की ओर से जारी इस नोटिस के बाद कॉलेज स्तर पर इस निर्णय का खूब विरोध हुआ। नतीजन ईसीए कॉलेज में दाखिले के इच्छुक एक आवेदक विशाल महाराज ने कॉलेज के फैसले के खिलाफ कोर्ट पहुंच गया है।
अदालत ने दिया 2 सप्ताह का समय
विशाल के वकील आदित्य कुमार चौधरी ने बताया कि सोमवार को इस मामले में पहली सुनवाई हुई। विभिन्न पक्षों को सुनने के बाद जवाब मांगा है कि क्या कॉलेज प्रबंध समिति के चेयरमैन का आदेश स्टाफ काउंसिल के निर्णय से ऊपर है।
इसी तरह डीयू से इस मसले पर अपनी नीति को स्पष्ट करने के लिए कहा है। कॉलेज व विश्वविद्यालय को जवाब देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी।