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नए सेशन पर डीयू और कॉलेज आमने-सामने

Wed, 16 Jul 2014 02:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजला, नई दिल्ली Updated Wed, 16 Jul 2014 02:42 AM IST
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dispute between delhi university and colleges

डीयू में नए सेशन को शुरू करने के मामले में विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं। बीते सोमवार को विश्वविद्यालय ने 21 जुलाई से सेशन शुरू करने को कहा था। इसे लेकर प्रिंसिपल एसोसिएशन की बैठक हुई।

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बैठक में कम से कम एक सप्ताह समय मांगे जाने का प्रस्ताव पास हुआ। प्रस्ताव को डीयू प्रशासन को भेज दिया गया है। इस तरह से सेशन 21 जुलाई से शुरू करने पर असमंजस बरकरार है।
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मंगलवार को नॉर्थ कैंपस स्थित खालसा कॉलेज में प्रिंसिपल एसोसिएशन की बैठक हुई। बैठक में मौजूद प्रिंसिपल के मुताबिक कोर्स का पुनर्गठन किया गया है, जिसके कारण वर्कलोड तय नहीं है। लिहाजा प्रशासन से सेशन शुरू करने के लिए कम से कम एक सप्ताह का समय मांगा गया है, जिससे कि प्रक्रिया को पूरा किया जा सके।

प्रिंसिपल के मुताबिक अगर कुलपति अपनी इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल भी करते हैं, तब भी वर्कलोड और टाइम टेबल के निर्धारण में कम से कम एक सप्ताह का समय तो लगेगा ही। इस तरह से अब डीयू प्रशासन पर छोड़ दिया गया है कि इस मामले पर वह क्या रुख अपनाती है।


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बैठक में इस पर चर्चा हुई कि जिस तरह की स्थिति बनी हुई है, उससे 21 जुलाई से सेशन शुरू करना मुश्किल है। मालूम हो कि इस बार एफवाईयूपी की समाप्ति के बाद तीन साल के स्नातक पाठ्यक्रम की वापसी हुई है। इससे कोर्स के पेपरों की संख्या में भी बदलाव हुआ है।

एफवाईयूपी के अंतर्गत सेमेस्टर आठ थे, जबकि तीन साल के पाठ्यक्रम में छह सेमेस्टर में पेपर पढ़ने हैं। इसके साथ ही एफवाईयूपी बैच के लिए भी बाकी दो साल की पढ़ाई को चार सेमेस्टर में बांटना है। इन सब पर विभागों की कोर्स ऑफ कमेटी की बैठकें जारी हैं, जिन्हें अब एकेडमिक और एक्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में पास कराना होगा।

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