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DU: बीए के दाखिले भी पकड़ने लगे स्पीड
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 09 Jul 2014 02:15 AM IST
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दिल्ली विश्वविद्यालय में मंगलवार से तीसरी कटऑफ लिस्ट के दाखिले शुरू हो गए। दाखिलों के लिए सभी कॉलेजों में चहल-पहल रही, लेकिन ज्यादा भीड़ आउट ऑफ कैंपस कॉलेजों में देखने को मिली। कटऑफ में गिरावट के चलते सीटें भरने भी लगी हैं।
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खासकर पहली और दूसरी कटऑफ में धीमे रहे बीए प्रोग्राम के दाखिले अब तेजी से होने लगे हैं। हालांकि नाम वापस लेने का दौर दूसरी कटऑफ के लिहाज से कम हैं, क्योंकि छात्र चौथी सूची का रिस्क नहीं लेना चाहते।
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डीयू की तीसरी लिस्ट में दाखिले के लिए कई विकल्प होने के कारण कॉलेजों में छात्रों की भीड़ देखी गई। कई कॉलेजों में बीए प्रोग्राम और बीकॉम ऑनर्स की सीटें भी अभी खाली हैं। कटऑफ में गिरावट के कारण छात्रों ने इनकी सीटें भी पक्की कीं।
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कॉलेज मान रहे हैं कि तीसरी या चौथी लिस्ट तक बीए प्रोग्राम की सीटें भर जाएंगी। इससे पहले पहली और दूसरी कटऑफ में बीए प्रोग्राम के लिए छात्र ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे थे।
गौरतलब है कि चार वर्षीय पाठ्यक्रम में बीए प्रोग्राम नहीं था। उसकी सभी सीटें ऑनर्स कोर्स में बदल दी गई थीं। अब तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम की वापसी होने से बीए प्रोग्राम की भी वापसी हुई है।
पहली कटऑफ में बीए प्रोग्राम की न्यूनतम कटऑफ 65 फीसदी, जबकि अधिकतम 96.25 फीसदी थी। दूसरी सूची में 63 से 95.75 फीसदी के बीच रही, फिर भी छात्र नहीं मिले।
आलम यह है कि तीसरी कटऑफ में 34 कॉलेजों में इस कोर्स में दाखिलों की गुंजाइश है। तीसरी सूची में कॉलेजों ने एक से छह फीसदी तक की कमी की है। इस लिस्ट के जारी होने के साथ ही हिंदू और मोतीलाल कॉलेज में भी बीए में दाखिले खुल गए हैं।
सीटों से अधिक दाखिलों से कॉलेज प्रशासन चिंतित
तीसरी लिस्ट के दाखिलों से कॉलेज प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं। इसकी वजह है तय सीटों से ज्यादा दाखिले। जिन कॉलेजों में किसी कोर्स विशेष में 30 सीटें हैं, वहां भी अधिक एडमिशन होने लगे हैं। अभी तीसरी कटऑफ के आधार पर दाखिले के लिए दो दिन बाकी हैं। ऐसे में कॉलेज ज्यादा दाखिले की उम्मीद कर रहे हैं। कॉलेज छात्रों को मना भी नहीं कर सकते क्योंकि लिस्ट के मुताबिक वे दाखिले के योग्य हैं।