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सन फार्मा-रैनबैक्सी डील को बीएसई, एनएसई की मंजूरी
एजेंसी
Updated Mon, 21 Jul 2014 08:19 PM IST
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देश के दो अग्रणी एक्सचेंजों बीएसई और एनएसई ने सन फार्मास्युटिकल्स में रैनबैक्सी के विलय को मंजूरी दे दी है। विलय का यह सौदा 4 अरब डॉलर में हुआ था।
दोनों एक्सचेंज से नो आब्जेक्शन मिलने के बाद दोनों कंपनियां आगे की मंजूरी के लिए हाई कोर्ट के पास अपनी एकीकरण की योजना दाखिल करेंगी। कथित तौर पर इनसाइडर ट्रेडिंग का आरोप लगने के बाद इस सौदे पर बाजार नियामक सेबी और दोनों एक्सचेंजों की नजर थी।
सन फार्मा और रैनबैक्सी के विलय से सन फार्मा जेनरिक दवाएं बनाने वाली दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी कंपनी और भारत की सबसे बड़ी फार्मा कंपनी बन जाएगी। दूसरी नियामकीय मंजूरी के अलावा दोनों कंपनियों को अब हाई कोर्ट और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की मंजूरी की जरूरत है।
सन फार्मा और रैनबैक्सी को अलग-अलग लिखे पत्र में बीएसई और एनएसई ने कहा है कि वे प्रस्तावित स्कीम को लेकर अपना नो आब्जेक्शन अप्रूवल दे रहे हैं। यह अप्रूवल अगले छह माह तक के लिए वैध रहेगा।
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दोनों एक्सचेंज से नो आब्जेक्शन मिलने के बाद दोनों कंपनियां आगे की मंजूरी के लिए हाई कोर्ट के पास अपनी एकीकरण की योजना दाखिल करेंगी। कथित तौर पर इनसाइडर ट्रेडिंग का आरोप लगने के बाद इस सौदे पर बाजार नियामक सेबी और दोनों एक्सचेंजों की नजर थी।
सन फार्मा और रैनबैक्सी के विलय से सन फार्मा जेनरिक दवाएं बनाने वाली दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी कंपनी और भारत की सबसे बड़ी फार्मा कंपनी बन जाएगी। दूसरी नियामकीय मंजूरी के अलावा दोनों कंपनियों को अब हाई कोर्ट और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की मंजूरी की जरूरत है।
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सन फार्मा और रैनबैक्सी को अलग-अलग लिखे पत्र में बीएसई और एनएसई ने कहा है कि वे प्रस्तावित स्कीम को लेकर अपना नो आब्जेक्शन अप्रूवल दे रहे हैं। यह अप्रूवल अगले छह माह तक के लिए वैध रहेगा।
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