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दरें घटने की आस टूटने से लुढ़का बाजार
मुंबई/एजेंसी
Updated Fri, 16 Nov 2012 07:25 PM IST
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कमजोर अंतरराष्ट्रीय संकेतों और कर्ज की ब्याज दरें घटने की आशा धूमिल होने के चलते घरेलू शेयर बाजार गिरावट का शिकार हुए। आखिरी घंटे में भारी बिकवाली की वजह से बीएसई का सेंसेक्स 162 अंक गिरकर 18,309 और एनएसई का निफ्टी 57 अंक गिरकर 5,574 पर बंद हुआ।
रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव द्वारा ऊंची महंगाई दर के चलते ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं को दरकिनार किए जाने से बाजार को भारी निराशा हुई। इसके साथ ही आर्थिक सुधारों से जुडे़ विधेयकों के संसद के आगामी सत्र में पारित नहीं हो पाने की आशंका ने भी बिकवाली को बढ़ावा दिया।
इससे घरेलू बाजार करीब एक फीसदी कमजोर पड़कर लगातार छठे कारोबारी सत्र गिरावट पर बंद हुए। ब्याज के प्रति संवेदनशील सेक्टरों की कंपनियों में ज्यादा गिरावट देखी गई। इसके अलावा छोटी व मंझोली कंपनियों पर भी बिकवाली की मार पड़ी।
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बीएसई का मिडकैप में 59.77 अंक और स्मॉलकैप में 81.24 अंक की गिरावट दर्ज हुई और यह क्रमश: 6,658.33 अंक और 7,110.75 अंक के स्तर पर बंद हुए। विदेशी बाजारों की कमजोरी ने भी घरेलू बाजार पर दबाव बनाया। बीएसई समूह में और पावर वर्ग के शेयरों में पर बिकवाली का भारी दबाव रहा, जबकि टेक और आईटी वर्ग में मामूली खरीदारी दिखी।
मामूली तेजी पर खुला सेंसेक्स पिछले सत्र के 18,471.37 अंक की तुलना में 0.88 प्रतिशत कमजोर बंद होने के पहले कारोबार के दौरान 18,563.32 अंक के ऊंचे और 18,266.76 अंक के निचले स्तर तक गया। निफ्टी ने कमजोर शुरुआत की और बीच कारोबार में 5,650.15 अंक के उच्चतम और 5,559.80 अंक के न्यूनतम स्तर को छूने के बाद पिछले सत्र के 5,631 अंक की तुलना में 1.01 प्रतिशत घटकर बंद हुआ। बीएसई में कुल 2,963 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ। इसमें 1,112 लाभ में और 1,739 नुकसान में रहे बाकी 113 में कोई बदलाव नहीं हुआ।
गिरावट का शिकार होने वाले प्रमुख शेयरों में आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एसबीआई, एचयूएल, एचडीएफसी जैसे दिग्गज शामिल रहे। इनमें आई भारी बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाया। दूसरी ओर भारती एयरटेल, ओएनजीसी, इनफोसिस, कोल इंडिया, डॉ रेड्डीज ने बढ़त दर्ज करते हुए गिरावट पर एक हद तक लगाम लगाई।
सस्ते में स्पेक्ट्रम मिलने की वजह से भारती एयरटेल में मजबूती जारी रही और यह 3 फीसदी उछला। ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील माने जाने वाले बैंकिंग, ऑटो और रीयल्टी सेक्टरों में भी गिरावट रही। रीयल्टी शेयरों में यूनिटेक, डीबी रीयल्टी, इंडियाबुल्स रीयल एस्टेट, एचडीआईएल पांच से सात फीसदी तक लुढ़के।
बैंकिंग शेयरों में यूनियन बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, पीएनबी, एसबीआई 2.2 से 3.7- फीसदी तक टूटे। कर्मचारियों को वेतन का भुगतान न किए जाने से किंगफिशर एयरलाइंस के शेयरों में लगातार दूसरे दिन आई और यह 4.5 फीसदी लुढ़क गया।
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रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव द्वारा ऊंची महंगाई दर के चलते ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं को दरकिनार किए जाने से बाजार को भारी निराशा हुई। इसके साथ ही आर्थिक सुधारों से जुडे़ विधेयकों के संसद के आगामी सत्र में पारित नहीं हो पाने की आशंका ने भी बिकवाली को बढ़ावा दिया।
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इससे घरेलू बाजार करीब एक फीसदी कमजोर पड़कर लगातार छठे कारोबारी सत्र गिरावट पर बंद हुए। ब्याज के प्रति संवेदनशील सेक्टरों की कंपनियों में ज्यादा गिरावट देखी गई। इसके अलावा छोटी व मंझोली कंपनियों पर भी बिकवाली की मार पड़ी।
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बीएसई का मिडकैप में 59.77 अंक और स्मॉलकैप में 81.24 अंक की गिरावट दर्ज हुई और यह क्रमश: 6,658.33 अंक और 7,110.75 अंक के स्तर पर बंद हुए। विदेशी बाजारों की कमजोरी ने भी घरेलू बाजार पर दबाव बनाया। बीएसई समूह में और पावर वर्ग के शेयरों में पर बिकवाली का भारी दबाव रहा, जबकि टेक और आईटी वर्ग में मामूली खरीदारी दिखी।
मामूली तेजी पर खुला सेंसेक्स पिछले सत्र के 18,471.37 अंक की तुलना में 0.88 प्रतिशत कमजोर बंद होने के पहले कारोबार के दौरान 18,563.32 अंक के ऊंचे और 18,266.76 अंक के निचले स्तर तक गया। निफ्टी ने कमजोर शुरुआत की और बीच कारोबार में 5,650.15 अंक के उच्चतम और 5,559.80 अंक के न्यूनतम स्तर को छूने के बाद पिछले सत्र के 5,631 अंक की तुलना में 1.01 प्रतिशत घटकर बंद हुआ। बीएसई में कुल 2,963 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ। इसमें 1,112 लाभ में और 1,739 नुकसान में रहे बाकी 113 में कोई बदलाव नहीं हुआ।
गिरावट का शिकार होने वाले प्रमुख शेयरों में आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एसबीआई, एचयूएल, एचडीएफसी जैसे दिग्गज शामिल रहे। इनमें आई भारी बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाया। दूसरी ओर भारती एयरटेल, ओएनजीसी, इनफोसिस, कोल इंडिया, डॉ रेड्डीज ने बढ़त दर्ज करते हुए गिरावट पर एक हद तक लगाम लगाई।
सस्ते में स्पेक्ट्रम मिलने की वजह से भारती एयरटेल में मजबूती जारी रही और यह 3 फीसदी उछला। ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील माने जाने वाले बैंकिंग, ऑटो और रीयल्टी सेक्टरों में भी गिरावट रही। रीयल्टी शेयरों में यूनिटेक, डीबी रीयल्टी, इंडियाबुल्स रीयल एस्टेट, एचडीआईएल पांच से सात फीसदी तक लुढ़के।
बैंकिंग शेयरों में यूनियन बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, पीएनबी, एसबीआई 2.2 से 3.7- फीसदी तक टूटे। कर्मचारियों को वेतन का भुगतान न किए जाने से किंगफिशर एयरलाइंस के शेयरों में लगातार दूसरे दिन आई और यह 4.5 फीसदी लुढ़क गया।