Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   Sebi unveils slew of reforms; PSUs to have 25% public holding

पीएसयू में जनता को मिलेगी 25 फीसदी हिस्सेदारी

Thu, 19 Jun 2014 03:33 PM IST
मुंबई/एजेंसी
मुंबई/एजेंसी Updated Thu, 19 Jun 2014 03:33 PM IST
विज्ञापन
Sebi unveils slew of reforms; PSUs to have 25% public holding

पूंजी व इक्विटी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपने निदेशक मंडल की बैठक में पूंजी बाजार में छोटे निवेशकों की भागीदारी बढ़ाकर बाजार में नई जान फूंकने के उद्देश्य से कई बड़े फैसले किए हैं।

विज्ञापन


इनमें सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) में जनता की हिस्सेदारी तीन वर्ष में 25 फीसदी करने और ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) में खुदरा निवेशकों को 10 फीसदी की छूट दिए जाना शामिल है।
विज्ञापन


सेबी ने गैर प्रवर्तकों को कंपनी में 10 फीसदी से अधिक हिस्सा हो जाने पर ओएफएस के जरिये शेयर बेचने को भी मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही पिछले एक साल में मंजूर किए गए बोनस शेयर भी अब ओएफएस के जरिये बेचे जा सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


ओएफएस के जरिये शेयर बेचने के मामले में कंपनियों की संख्या भी दोगुनी कर दी गई है। टॉप-100 की जगह अब टॉप-200 कंपनियों को ओएफएस के माध्यम से शेयर बेचने की अनुमति होगी।

सेबी ने सार्वजनिक उपक्रमों में अगले तीन वर्ष के भीतर जनता की हिस्सेदारी 25 फीसदी करने का फैसला किया है। सेबी के इस कदम से सरकार करीब 38 पीएसयू कंपनियों में अपने शेयरों के विनिवेश के जरिए 60 हजार करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने का रास्ता खुल गया है। सरकार अब इन कंपनियों में तयशुदा सीमा से अधिक अपने शेयरों को आम निवेशकों को बेचकर रकम जुटा सकेगी।

इसके अलावा कंपनियों को किसी भी सार्वजनिक प्रारंभिक निर्गम (आईपीओ) में कंपनी की कम से कम 25 प्रतिशत इक्विटी या 400 करोड़ रुपये के शेयर बेचने के प्रस्ताव को भी सेबी की ओर से मंजूरी दी है। पूंजी की कमी से जूझ रही कंपनियों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सेबी ने एंकर इंवेस्टर की सीमा को भी दोगुना कर दिया है। इसके तहत कंपनी में एंकर इनवेस्टर के निवेश की मौजूदा 30 फीसदी की सीमा को 60 फीसदी कर दिया गया है।

इसके अलावा कंपनियों द्वारा अपने इंप्लाइज स्टॉक ओनरशिप प्लान (ईशॉप) के तहत अपने कर्मचारियों को शेयर देने या बेचने संबंधी नियमों में भी सेबी ने बदलाव किया है।


सेबी ने रिसर्च एनालिस्टों के लिए भी नए नियमों को भी हरी झंडी दे दी है। साथ ही सेबी ने नो योर कस्टमर (केवाईसी) के तहत निवेशकों से ली जाने वाली सूचनाओं को अन्य सेक्टरों के नियामकों के साथ साझा करने की स्वीकृति भी दे दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed