टैक्स बचाना है, तो इन 10 फंडों को अपनाएं
सबसे पहले इस बात की जांच करें कि 80 सी के अंतर्गत कितनी राशि तक का निवेश अपेक्षित है। अगर आप इसकी गणना नहीं कर पाते तो अपने सीए से पूछ लें।
आप अपने फाइनेंशियल प्लानर से भी जानकारी ले सकते हैं। वह यह भी बताएगा कि आपके वित्तीय लक्ष्य के हिसाब से किस तरह का निवेश उपयुक्त रहेगा।
ट्यूशन फीस और इंश्योरेंस से कैसे बचाए टैक्स?
ईपीएफ में अपने योगदान की राशि (नियोक्ता के योगदान पर कटौती का लाभ नहीं मिलता), दो बच्चों के लिए दी गई ट्यूशन फीस, हाउसिंग लोन के मूल के भुगतान (अगर कोई होम लोन चल रहा हो) और जीवन बीमा प्रीमियम की राशि को जोड़ कर एक लाख रुपये में से घटा लें। जो राशि बचे उतने के ही निवेश पर 80सी के तहत लाभ मिल पाएगा।
ऑनलाइन इंश्योरेंस खरीद कर क्या होगा फायदा?
बीमा और निवेश को रखें अलग?
परंपरागत जीवन बीमा उत्पादों में निवेश से बचें क्योंकि ये महंगाई दर को मात नहीं दे पाते। यूलिप में भी कई तरह के अधिभार लगते हैं, जिनसे रिटर्न कम हो जाता है। बीमा और निवेश को हमेशा अलग रखना चाहिए।
पीपीएफ में निवेश कर बचाएं इतना टैक्स?
कर बचाने के लिए व्यवसायियों और पेशेवर को पीपीएफ में जरूर निवेश करना चाहिए, क्योंकि यह 8.70 फीसदी का करमुक्त रिटर्न देता है। इसमें वित्त वर्ष में न्यूनतम 500 रुपये से लेकर अधिकतम एक लाख रुपये तक का निवेश किया जा सकता है।
इतना ज्यादा मिलेगा ब्याज
एनएससी पर भी आयकर में छूट मिलती है, जमा अवधि के दौरान मिलने वाला ब्याज चूंकि फिर से निवेश हो जाता है इसलिए इसपर डिडक्शन का लाभ मिलता है। फिलहाल 5 साल और 10 साल वाले एनएससी उपलब्ध हैं, जिनपर क्रमश: 8.5 और 8.8 फीसदी ब्याज मिलेगा। एनएससी की मैच्योरिटी पर मिलने वाले ब्याज पर आयकर देय होगा।
म्यूचल फंड की ये स्कीम है अच्छी
जो लोग इक्विटी के जरिए लाभ कमाते हुए टैक्स बचाना चाहते हैं, उनके लिए म्यूचुअल फंड ईएलएसएस स्कीम अच्छी है। इसमें शत प्रतिशत निवेश इक्विटी मार्केट में होगा। इसमें तीन साल की लॉक-इन अवधि है।
एफडी पर मिलेगा इतना फायदा
बैंकों में 5 साल के फिक्स्ड डिपॉजिट और पोस्ट ऑफिस में 5 साल टाइम डिपॉजिट पर डिडक्शन मिलता है। जमा पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स लगेगा। फिलहाल फिक्स्ड डिपॉजिट पर करीब 9 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है।
पोस्ट ऑफिस स्कीम में निवेश
पोस्ट ऑफिस में सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (एससीएसएस) पर भी डिडक्शन उपलब्ध है और ब्याज की दर 9.20 फीसदी है। ब्याज का भुगतान तिमाही आधार पर किया जाता है।
पेंशन करें सुरक्षित और यहां करें निवेश
नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) टियर वन भी निवेश की सूची में शामिल है। एनपीएस में लिक्विडिटी की कमी है और रिटर्न बाजार की जोखिमों से जुड़ा है और इसमें किसी तरह की गारंटी नहीं है।
5 लाख से कम आय वालों का इतना कटेगा टैक्स
अंतिम समय का न करें इंतजार
वित्त वर्ष के समाप्त होने का इंतजार नहीं करें। कम उम्र के करदाता म्यूचुअल फंड के ईएलएसएस स्कीम में अधिक निवेश करें, जबकि वरिष्ठ पीपीएफ और एनएससी में निवेश को अपना लक्ष्य रखें। अगर आपके पास कोई पेशेवर सलाहकार नहीं है, तो आप पीपीएफ और ईएलएसएस योजना में निवेश का गठजोड़ बनाएं।