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मंदी खत्म, कहना जल्दबाजी: उद्योग
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Tue, 12 Mar 2013 11:04 PM IST
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आईआईपी के ताजा आंकड़ों पर भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अध्यक्ष आदि गोदरेज का कहना है कि आईआईपी के ताजा आंकड़ों से भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। लेकिन उद्योग जगत की मंदी खत्म होने के कगार पर है, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी।
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फिक्की की अध्यक्ष नैना लाल किदवई का कहना है कि जनवरी में औद्योगिक उत्पादन विकास दर 2.4 फीसदी रहने के बावजूद औद्योगिक और मैन्यूफैक्चरिंग विकास दर चिंता का विषय है। अगर आरबीआई नीतिगत दरों में कटौती करता है, तो इससे निवेश की स्थिति में सुधार संभव है। वहीं उपभोक्ताओं वस्तुओं की मांग को बढ़ाने में भी मदद मिल सकेगी।
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एसोचैम के अध्यक्ष राजकुमार धूत का कहना है कि पूंजीगत और उपभोक्ता वस्तुओं का उत्पादन नकारात्मक रहा है। यह उद्योग जगत की निवेश और मांग संबंधी समस्याओं को उजागर कर रही है। रिजर्व बैंक को मंगलवार को जारी किए गए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) से ज्यादा प्रभावित नहीं होना चाहिए और प्रमुख ब्याज दर में कटौती पर विचार करना चाहिए। महंगाई दर में कमी आने पर नौ माह में पहली दफा आरबीआई ने जनवरी में ब्याज दरों में कटौती की थी।
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