{"_id":"483d8df0-7796-11e2-8deb-d4ae52bc57c2","slug":"private-investment-necessary-to-increase-deficit-said-moodys","type":"story","status":"publish","title_hn":"घाटा रोकने को निजी निवेश बढ़ाना जरूरी: मूडीज","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
घाटा रोकने को निजी निवेश बढ़ाना जरूरी: मूडीज
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Fri, 15 Feb 2013 11:06 PM IST
विज्ञापन
वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहा है कि भारत को नीतिगत उपायों के जरिए निजी निवेश बढ़ाने और महंगाई को काबू में करने की आवश्यकता है। इससे भारत को चालू खाता घाटा को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। सितंबर तिमाही में चालू खाता घाटा 5.3 फीसदी के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
विज्ञापन
मूडीज ने चेताया कि आर्थिक विकास दर में तेजी के अनुमान के आधार पर चालू खाता घाटे का लक्ष्य निर्धारित किया गया, जिसे अब हासिल करना मुश्किल लग रहा है। फिलहाल मूडीज ने भारतीय अर्थव्यवस्था के आउटलुक को स्थिर रखा है। मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि निजी निवेश को बढ़ावा देने और महंगाई के दबाव को कम करने वाले नीतिगत उपाय होने चाहिए। इनसे चालू घाटे को कम करने में मदद मिल सकती है।
विज्ञापन
रिपोर्ट के मुताबिक, घाटा का लक्ष्य आर्थिक विकास दर में तेजी के अनुमान पर निर्धारित किया गया, जिसे अब हासिल करना मुश्किल लग रहा है। इससे सरकार की भारी उधारी की जरूरत बढ़ सकती है और महंगाई का दबाव भी बढ़ सकता है। मूडीज ने कहा कि आगे नीतिगत सुधारों में तेजी लाने के अलावा नीतियों का क्रियान्वयन जरूरी है। इससे निर्यात और आयात की ग्रोथ बढ़ाने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
मालूम हो कि जनवरी में व्यापार घाटा बढ़कर 20 अरब डॉलर पर पहुंच गया। अब तक एक माह में दर्ज की गई यह दूसरी सबसे अधिक बढ़ोतरी है। सबसे अधिक 21 अरब डॉलर व्यापार घाटा अक्तूबर 2012 में दर्ज किया गया था।