{"_id":"b137e2e781eeb63f1621a7f261c17a5e","slug":"new-year-s-dirty-gift-gas-cylinder-rate-hike-rs-220","type":"story","status":"publish","title_hn":"बढ़ी मुसीबत: गैस सिलेंडर 220 रुपए महंगा","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
बढ़ी मुसीबत: गैस सिलेंडर 220 रुपए महंगा
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 01 Jan 2014 08:37 PM IST
विज्ञापन
नए साल के पहले दिन ही तेल कंपनियों ने रसोई गैस के दाम में इजाफा कर आम आदमी को महंगाई का पहला डोज दे दिया है।
नए निर्णय के मुताबिक नौ सिलेंडर से अधिक रसोई गैस खपत करने वाले उपभोक्ताओं को अगले प्रत्येक सिलेंडर के लिए 220 रुपये अधिक रकम का भुगतान करना होगा।
इससे दिल्ली में गैर रियायती एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1021 रुपये से बढ़कर 1241 रुपये हो गई है। वहीं 19 किलो भार वाले प्रति कमर्शियल सिलेंडर के लिए 350 रुपये और ऑटो गैस के लिए 10.71 रुपये प्रति किग्रा अधिक भुगतान करना होगा।
कीमतों में इजाफे के बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2013.50 रुपये और ऑटो गैस के दाम 60.39 रुपये प्रति किग्रा हो गए हैं।
तेल कंपनियों का कहना है कि पिछले माह डॉलर की तुलना में रुपये की कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय कीमतों को देखते हुए कीमत बढ़ाने का निर्णय लेना पड़ा है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने कीमतों में इजाफे से पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि सरकार केवल सब्सिडी युक्त रसोई गैस कीमतों की समीक्षा समय-समय पर करती है। गैर रियायती एलपीजी कीमत पूरी तरह से बाजार के हवाले है।
विज्ञापन
नए निर्णय के मुताबिक नौ सिलेंडर से अधिक रसोई गैस खपत करने वाले उपभोक्ताओं को अगले प्रत्येक सिलेंडर के लिए 220 रुपये अधिक रकम का भुगतान करना होगा।
इससे दिल्ली में गैर रियायती एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1021 रुपये से बढ़कर 1241 रुपये हो गई है। वहीं 19 किलो भार वाले प्रति कमर्शियल सिलेंडर के लिए 350 रुपये और ऑटो गैस के लिए 10.71 रुपये प्रति किग्रा अधिक भुगतान करना होगा।
कीमतों में इजाफे के बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2013.50 रुपये और ऑटो गैस के दाम 60.39 रुपये प्रति किग्रा हो गए हैं।
तेल कंपनियों का कहना है कि पिछले माह डॉलर की तुलना में रुपये की कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय कीमतों को देखते हुए कीमत बढ़ाने का निर्णय लेना पड़ा है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने कीमतों में इजाफे से पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि सरकार केवल सब्सिडी युक्त रसोई गैस कीमतों की समीक्षा समय-समय पर करती है। गैर रियायती एलपीजी कीमत पूरी तरह से बाजार के हवाले है।
विज्ञापन