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ब्याज दरें घटने की गुंजाइश कम: गवर्नर
मास्को/एजेंसी
Updated Mon, 18 Feb 2013 10:42 PM IST
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रिजर्व बैंक का कहना है कि अगले कुछ महीनों तक ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं बहुत कम हैं। रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने कहा कि महंगाई का जोखिम बना हुआ है। साथ ही साथ वित्तीय व चालू खाता घाटा पर भी चिंताएं बरकरार हैं। ऐसे में अगले कुछ महीनों तक मौद्रिक नीति में नरमी बरतने की गुंजाइश बहुत सीमित है।
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जी-20 के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की बैठक में भाग लेने रूस गए सुब्बाराव ने एक टीवी चैनल को बताया कि अगले कुछ महीनों तक ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश तो है लेकिन महंगाई और विकास दर के आउटलुक को देखते हुए इसके अवसर बहुत ही सीमित हैं।
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उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री द्वारा आगामी बजट में वित्तीय समेकन और घाटे को नियंत्रित करने के उपायों पर रिजर्व बैंक की नजर है। इसके बाद ही रिजर्व बैंक अपनी मौद्रिक नीति के रुख पर निर्णय करेगा। सुब्बाराव ने कहा कि वित्तीय समायोजन मौद्रिक नीति को जांचने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
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वित्तीय समायोजन के लिए सरकार को ही कदम उठाने हैं। आगामी बजट में सरकार घाटे की स्थिति को स्पष्ट करेगी। रिजर्व बैंक प्रमुख राजकोषीय घाटे के आंकड़े पर नजर रखेगा लेकिन इसके साथ वित्तीय समायोजन की गुणवत्ता भी देखी जाएगी।