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IOC ने दी उत्तरी राज्यों में एलपीजी किल्लत की चेतावनी
नई दिल्ली/ सुजय मेहदूदिया
Updated Tue, 24 Jun 2014 08:58 AM IST
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मोदी सरकार इराक में अशांति से पैदा हुए संकट का असर आम आदमी पर और सब्सिडी का बोझ बढ़ने के प्रभाव को कम करने के लिए संघर्ष कर रही है, वहीं सरकारी उपक्रम इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने चेतावनी दी है कि अगर जामनगर के सिक्का बंदरगाह पर आयातित एलपीजी की हैंडलिंग की व्यवस्था नहीं की गई तो देश के उत्तरी क्षेत्र के राज्यों को एपीजी सिलेंडर की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि अगर निजी क्षेत्र की कंपनियों के लिए समानांतर विपणन को लेकर लगाई गई रोक कुछ समय के लिए शिथिल नहीं की जाती है तो देश के उत्तरी क्षेत्र में एलपीजी के वितरण को तगड़ा झटका लग सकता है। अधिकारियों का मानना है कि मौजूदा समय में केंद्र सरकार देश में उत्पादित की गई एलजीपी की बिक्री तेल विपणन कंपनियों के अलावा किसी और को करने की अनुमति नहीं देती है।
उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड जैसे राज्य इस मुद्दे से प्रभावित हो सकते हैं। एलपीजी का का समानांतरण विपणन करने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड देश में उत्पादित एलपजीजी की जरूरतें जामनगर स्थित अपनी यूनिट से पूरी करती है। कंपनी को अपने समानांतर विपणन तंत्र के लिए प्रति माह लगभग 7-10 हजार मीट्रिक टन (टीएमटी) की जरूरत होती है।
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पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से लगाई गई रोक की वजह से आरआईएल अपने घरेलू उत्पादन का इस्तेमाल समानांतर विपणन नेटवर्क के लिए नहीं कर पाएगी। इसके बजाए कंपनी को अपनी समानांतर विपणन नेटवर्क की जरूरतों को सिक्का इंपोर्ट टर्मिनल पर आयात की व्यवस्था कर आयातित एलपीजी के जरिए पूरा करना होगा। तेल विपणन कंपनियां भी अपनी एलपीजी लाने के लिए इसी टर्मिनल का इस्तेमाल कर रहीं हैं।
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पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि अगर निजी क्षेत्र की कंपनियों के लिए समानांतर विपणन को लेकर लगाई गई रोक कुछ समय के लिए शिथिल नहीं की जाती है तो देश के उत्तरी क्षेत्र में एलपीजी के वितरण को तगड़ा झटका लग सकता है। अधिकारियों का मानना है कि मौजूदा समय में केंद्र सरकार देश में उत्पादित की गई एलजीपी की बिक्री तेल विपणन कंपनियों के अलावा किसी और को करने की अनुमति नहीं देती है।
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उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड जैसे राज्य इस मुद्दे से प्रभावित हो सकते हैं। एलपीजी का का समानांतरण विपणन करने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड देश में उत्पादित एलपजीजी की जरूरतें जामनगर स्थित अपनी यूनिट से पूरी करती है। कंपनी को अपने समानांतर विपणन तंत्र के लिए प्रति माह लगभग 7-10 हजार मीट्रिक टन (टीएमटी) की जरूरत होती है।
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पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से लगाई गई रोक की वजह से आरआईएल अपने घरेलू उत्पादन का इस्तेमाल समानांतर विपणन नेटवर्क के लिए नहीं कर पाएगी। इसके बजाए कंपनी को अपनी समानांतर विपणन नेटवर्क की जरूरतों को सिक्का इंपोर्ट टर्मिनल पर आयात की व्यवस्था कर आयातित एलपीजी के जरिए पूरा करना होगा। तेल विपणन कंपनियां भी अपनी एलपीजी लाने के लिए इसी टर्मिनल का इस्तेमाल कर रहीं हैं।