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...तो फिर बहेगी भारत में दूध की नदियां
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Fri, 19 Oct 2012 09:41 PM IST
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यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर (यूएसडीए) का कहना है कि बढ़ती मांग और कीमतों में तेजी के बीच 2012 में भारत में दुग्ध उत्पादन पांच फीसदी बढ़कर 12.9 करोड़ टन पहुंच सकता है। पिछले साल भारत में दुग्ध उत्पादन 12.3 करोड़ टन रहा था।
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यूएसडीए ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि कैलेंडर वर्ष 2012 में भारत का दुग्ध उत्पादन पिछले साल के मुकाबले 4.87 फीसदी बढ़कर 12.9 करोड़ टन पर पहुंच सकता है।
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रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार द्वारा मिल्क पाउडर के निर्यात पर रोक और लाभकारी मूल्य के चलते 2012 में नॉन फैट डेयरी मिल्क (एनएफडीएम) के शेयरों में अच्छी खासी बढ़त आई। सरकार ने दूध की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते पिछले साल फरवरी में स्किम्ड मिल्क पाउडर (एसएमपी) के निर्यात पर रोक लगा दिया था, लेकिन जून 2012 में यह प्रतिबंध हटा लिया गया।
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यूएसडीए के मुताबिक, भारत दुनिया के कुल डेयरी उत्पादन का करीब 17 फीसदी उत्पादन करता है। भारत में डेयरी उद्योग ‘कम लागत पर किफायती उत्पादन’ मॉडल पर कार्य करता है। रिपोर्ट में 2012 में भारत में एनएफडीएम का उत्पादन 4,50,000 टन रहने का अनुमान जताया गया है।
अमेरिकी एजेंसी ने 2012 के लिए मक्खन उत्पादन के आंकड़े को भी संशोधित करते हुए 2,000 टन बढ़ाकर 45.3 लाख टन कर दिया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है। 2011-12 में दूध का उत्पादन करीब 12.7 करोड़ टन रहा था।