फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   government not able to control onion export.

सरकार के पसीने छुड़ा रहा है प्याज का निर्यात

Thu, 03 Jul 2014 08:50 AM IST
अजीत सिंह / अमर उजाला दिल्ली
अजीत सिंह / अमर उजाला दिल्ली Updated Thu, 03 Jul 2014 08:50 AM IST
विज्ञापन
government not able to control onion export.

मंडियों में प्याज की बढ़ती महंगाई के साथ-साथ प्याज का निर्यात रोकने में भी सरकार के पसीने छुट रहे हैं। पिछले १५ दिनों में वाणिज्य मंत्रालय दो बार प्याज का न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) बढ़ा चुका है, लेकिन विदेशों में प्याज भेजकर कमाई करने वालों पर लगाम लगाना मुश्किल हो रहा है।

विज्ञापन


पिछले साल अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्याज का अच्छा भाव मिलने के चलते निर्यातकों ने करीब 3169 करोड़ रुपये की कमाई की थी। इस साल भी इनकी नजर प्याज के निर्यात पर है। प्याज कीमतों की समीक्षा करने वाले अंतर-मंत्रालय समूह ने भी माना है कि गत 18 जून को प्याज पर 300 डॉलर का एमईपी लगाने के बावजूद निर्यात कम नहीं हुआ है।
विज्ञापन


नेशनल हॉर्टिकल्चर रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन के निदेशक आरपी गुप्ता का कहना है कि इस साल मानसून में कमी की वजह से महाराष्ट, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश में खरीफ के सीजन में होने वाली प्याज की बुवाई प्रभावित हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अभी तक खरीफ के दौरान होने वाली कुल बुवाई के मुकाबले 15-20 फीसदी बुवाई हो पाई है। इस समय लगने वाला प्याज अगस्त के आखिर में आना शुरू होता है, जिससे सितंबर में बाजारों में प्याज की आवक बढ़ जाती है। इस साल खरीफ की कम बुवाई का असर अगस्त और सितंबर में दिखाई पड़ सकता है। ऐसे में अगर प्याज का निर्यात बढ़ता रहा तो प्याज की महंगाई थामना मुश्किल हो जाएगा।

कमजोर मानसून के मद्देनजर प्याज की थोक मंडिय़ों में पिछले एक महीने से प्याज केदाम बढऩे लगे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में गत 2 जून को प्याज का थोक भाव 1105 रुपये प्रति कुंतल था, जो २ जुलाई को बढ़कर 1950 रुपये प्रति कुंतल तक पहुंच गया है। इसका असर खुदरा बाजार पर और भी ज्यादा है।


दिल्ली में प्याज का खुदरा भाव २ जून को 21 रुपये किलो था, जो 2 जुलाई को बढ़कर 29 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। महाराष्ट्रा की प्याज मंडिय़ों में भी जून के दौरान प्याज के दाम करीब दोगुने तक बढ़ चुके हैं। यह स्थिति तब है जबकि वर्ष 2013-14 में प्याज का उत्पादन पिछले इससे पहले साल के 168 लाख टन से बढ़कर 192 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed