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नई सरकार में रुपये की पहली सबसे बड़ी गिरावट
मुंबई/एजेंसी
Updated Wed, 06 Aug 2014 09:11 PM IST
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घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट और डॉलर की जोरदार मांग से रुपये में छह माह की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट आई। डॉलर के मुकाबले रुपया 65 पैसे लुढ़क कर 61.49 पर बंद हुआ। केंद्र में नई सरकार बनने के बाद से रुपये में पहली बार इतनी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
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मुद्रा बाजार के डीलरों का कहना है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मजबूती से डॉलर में तेजी का रुझान है। पिछले माह अमेरिकी सेवा क्षेत्र की रफ्तार साढ़े आठ साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई और जून में फैक्टरी ऑर्डर में उछाल आया। इनका नकारात्मक असर रुपये के सेंटीमेंट पर हुआ। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर शेयर बाजारों में गिरावट का असर भारतीय बाजारों पर हुआ है। जिसके चलते रुपया पांच माह के निचले स्तर पर आ गया।
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अंतर बैंकिंग मुद्रा बाजार में बुधवार को रुपये में गिरावट के साथ 61.06 पर कारोबार शुरू हुआ। सत्र के दौरान यह 61.03 के उच्चतम और 61.53 के निचले स्तर तक लुढ़का। आखिर में पिछले सत्र की तुलना में 65 पैसे गिरकर 61.49 पर बंद हुआ। गत 5 मार्च के बाद से यह रुपये का निचला स्तर है। जबकि 24 जनवरी 2014 के बाद रुपये में यह सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट है।
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यूक्रेन संकट गहराने की चिंताओं के बीच वैश्विक स्तर पर तेल कीमतों में तेजी के डर से आयातकों की तरफ से डॉलर की मांग बढ़ी है। इसका दबाव भी रुपये की कीमत पर पड़ा है।