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खुले आकाश में उड़ने को तैयार 'टाटा'
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 25 Oct 2013 01:23 PM IST
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लंबे समय से टाटा समूह का भारत में एयरलाइंस सेवा शुरू करने का सपना, हकीकत के एक कदम और करीब पहुंच गया है। बृहस्पतिवार को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) ने टाटा समूह और सिंगापुर एयरलाइंस के संयुक्त उपक्रम को एयरलाइंस सेवा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
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फैसले के बारे में जानकारी देते हुए आर्थिक मामलों के सचिव अरविंद मायाराम ने संवाददाताओं को बताया कि टाटा समूह-सिंगापुर एयरलाइंस के प्रस्ताव को एफआईपीबी की मंजूरी मिल गई है। बोर्ड ने प्रस्ताव में किसी तरह का कोई राइडर नहीं लगाया है।
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एफआईपीबी की मंजूरी मिलने के बाद अब कंपनी को गृह मंत्रालय से भारत में एयरलाइंस सेवा शुरू करने के लिए सुरक्षा मामलों का क्लीयरेंस लेना होगा। उसके बाद उड्डयन मंत्रालय से मंजूरी लेने के बाद कंपनी डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) से एयरलाइंस सेवा के लिए लाइसेंस ले सकेगी।
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जिसके बाद दोनों कंपनियों की संयुक्त भागीदारी वाली कंपनी भारत में एयरलाइंस सेवा दे सकेगी। कंपनी का मुख्यालय नई दिल्ली में होगा। दोनों साझेदार नई कंपनी में शुरुआत में 10 करोड़ डॉलर का निवेश करेंगे। जिसमें हिस्सेदारी के हिसाब से 5.1 करोड़ डॉलर टाटा समूह निवेश करेगा, जबकि 4.9 करोड़ डॉलर सिंगापुर एयरलाइंस निवेश करेगी।
दोनों साझेदारों ने सरकार को इस बात का भी आश्वासन दिया है कि साझेदारी के तहत बनने वाली नई कंपनी पर नियंत्रण भारतीय हाथों में ही होगा। नई कंपनी भारत में यात्री सेवा देने के साथ-साथ फ्रेट सहित दूसरी प्रमुख एयर ट्रांसपोर्ट सेवा भारत में देगी।