इस देश में बंद हो रहा है पैसे-रुपयों का चलन
डेनमार्क जल्द ही दुनिया का पहला ऐसा देश बनने वाला है जहां पर कोई भी कैश लेकर नहीं घूमेगा। किसी भी चीज के पैसे चुकाने के लिए कैश नहीं, बल्कि कार्ड की जरूरत होगी।
डेनमार्क की सरकार ने कहा है कि अगले साल से क्लोथ रिटेलर, रेस्टोरेंट और पेट्रोल पंप वाले कैश में भुगतान लेने के लिए बाध्य नहीं रहेंगे।
ऐसे में ये चौंकने वाली बात नहीं होगी कि किसी की जेब में लाखों रुपए पड़े हों और रेस्टोरेंट सामने हो, फिर भी वह अपनी भूख नहीं मिटा सकेगा।
घटेगा कैश के रख-रखाव का खर्च
ये प्रपोजल इकोनॉमिक ग्रोथ को ध्यान में रखते हुए पेश किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे देश में कारोबार करने वालों की लागत घटेगी, जिससे प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी।
डेनमार्क में कैश बंद करने से रिटेलर्स कैश की सिक्योरिटी पर होने वाले खर्च से बच सकेंगे, जिससे सिक्कों और नोटों के रख-रखाव का खर्च भी कम हो जाएगा।
डेनमार्क के लोग पहले से ही पेपर और मेटल मनी से दूर हो रहे हैं। लगभग एक तिहाई लोग ऑफिशियल डांस्के बैंक ऐप 'मोबाइल पे' का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे पैसों का भुगतान करते हैं।