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अटके प्रोजेक्ट शुरू कर विकास को देंगे रफ्तार: चिदंबरम
मुंबई/एजेंसी
Updated Mon, 08 Apr 2013 11:29 PM IST
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सरकार देश में रुकी पड़ी परियोजनाओं को दोबारा शुरू करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। इसके लिए उन परियोजनाओं के रुके होने की वजह पता कर उसे शुरू करने में आ रहे अवरोधों को दूर करने की पूरी कोशिश की जा रही है। यह जानकारी वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने सोमवार को मुंबई में प्रमुख बैंकर्स के साथ बैठक के बाद संवाददाताओं को दी।
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देश में इस समय करीब 341 परियोजनाओं हैं, जो किसी न किसी वजह से रुकी हुई हैं। इसमें से 125 नई परियोजनाएं हैं। परियोजनाएं पर्यावरण मंजूरी, भूमि अधिग्रहण, पूंजी की कमी, मांग न होने, कोयले की उपलब्धता न होने, बैंकों द्वारा कर्ज की रिस्ट्रक्चरिंग न करने आदि वजहों से अटकी हुई हैं।
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सरकार की कोशिश है कि इन अड़चनों को दूर कर जहां इन परियोजनाओं को दोबारा शुरू किया जाए, बल्कि मांग में बढ़ोतरी कर अर्थव्यवस्था की भी रफ्तार बढ़ाई जाए। चिदंबरम ने कहा कि चार-पांच प्रमुख ऐसी वजहें हैं, जिनके कारण परियोजनाएं अटकी हुई हैं। ऐसे में कोशिश है कि हम एक-एक परियोजनाओं को लेकर उसकी अड़चनों को दूर करें।
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वित्त मंत्री इसी तरह की कवायद चेन्नई में भी करने जा रहे हैं। जबकि दिल्ली में बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठकर इस तरह की कवायद शुरू कर चुके है। वित्त मंत्री के साथ बैठक में प्रमुख उद्योगपति भी थे, जिनमें अनिल अंबानी, एस्सार के प्रशांत रुईया, एचसीसी के अजीत गुलाबचंद, टाटा संस के मधु कन्नन शामिल रहे। चिदंबरम के साथ बैठक में बैंकिंग सचिव राजीव टकरू भी थे।
बैंकरों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चेयरमैन प्रतीप चौधरी सहित बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के प्रमुख शामिल थे। चिदंबरम ने कहा कि बैठक में उद्योगपति भी मौजूद हैं और बैंकर भी। दोनों मिलकर रास्ता निकालें, जहां मेरी जरूरत होगी, मैं मदद करूंगा। मैं सभी विषयों की नोटिंग गंभीरता से ले रहा हूं।
अधिकांश विश्लेषकों का मानना है कि परियोजनाओं के फंसे होने से विकास की रफ्तार कुंद हो गई है। बैठक के बाद आदित्य बिरला समूह के चेयरमैन कुमारमंगलम बिरला ने संवाददाताओं को बताया कि वित्तमंत्री ने एक-एक करके रुकी हुई परियोजनाओं की जानकारी ली है और मुझे भरोसा है कि आवश्यकता के हिसाब से जल्द ही उचित निर्णय लेंगे।
एसोचैम प्रेसिडेंट राजकुमार धूत ने कहा कि वित्तमंत्री ने निदान का रास्ता निकालने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री खुद एक-एक लोग से बात कर रहे हैं और उनकी समस्याओं को नोट कर रहे हैं। ऐसे में लगता है वह हर संभव रास्ता निकालने की कोशिश करेंगे।