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सेस लगाकर पेट्रोल डीजल से कमाएगी सरकार

Fri, 15 Jan 2016 06:01 AM IST
Updated Fri, 15 Jan 2016 06:01 AM IST
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Cess on petrol and diesel

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत अभियान के लिए राशि जुटाने हेतु पेट्रोल और डीजल पर स्वच्छ भारत सेस लगाया जा सकता है। यदि सेस लगा, तो सरकार को पेट्रोल पर 30 पैसे प्रति लीटर और डीजल से 25 पैसे प्रति लीटर की आमदनी होगी।

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सरकारी सूत्रों का कहना है कि अभी सेस लगाने का उपयुक्त समय इसलिए है, क्योंकि अभी भारत द्वारा विदेशों से खरीदे जा रहे कच्चे तेल की कीमत 27 डॉलर प्रति बैरल के आसपास चल रही है।
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पिछले पखवाड़े में कच्चे तेल की औसत कीमत 33.58 डॉलर प्रति बैरल थी। वर्तमान कीमत पर पेट्रोल की कीमत में डेढ़ रुपये की, जबकि डीजल की कीमत में सवा रुपये की कटौती के आसार हैं। अभी तक सरकार पेट्रोल और डीजल की कीमत तो कम कर ही रही थी, साथ ही केंद्रीय उत्पाद शुल्क में समय समय पर बढ़ोतरी कर रही थी।
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वित्त मंत्रालय ने तैयार कर लिया मसौदा

Cess on petrol and diesel

अब उत्पाद शुल्क में बढ़ोतरी न कर सेस लगाने की कवायद चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि पेट्रोल और डीजल पर आधे फीसदी का स्वच्छ भारत सेस लग भी गया, तो प्रति लीटर पेट्रोल पर करीब 30 पैसे, जबकि डीजल पर करीब 25 पैसे का अधिभार पड़ेगा। तब भी इन ईंधनों की कीमत में प्रति लीटर करीब 1 रुपये की कटौती की गुंजाइश है।

एक अन्य सूत्र का कहना है कि पेट्रोल और डीजल पर स्वच्छ भारत सेस लगाने संबंधी प्रस्ताव को वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अधिकारियों ने तैयार कर लिया है। यह सेस कब से लगाया जाए, इस पर अंतिम फैसला वित्त मंत्री अरुण जेटली को लेना है। इसके बारे में फैसला होना बाकी है, लेकिन अधिकारियों ने इस मद में होने वाली राजस्व वसूली का हिसाब लगाना शुरू कर दिया है।

उनका कहना है कि यदि अगले पखवाड़े से पेट्रोल-डीजल पर स्वच्छ भारत सेस लगा दिया जाए, तो वित्त वर्ष के अंत तक 150 से 200 करोड़ रुपये तक मिल सकते हैं।

इसके पहले भी लगाया गया है सेस

Cess on petrol and diesel

उल्लेखनीय है कि जेटली ने इस वर्ष बजट में आधा फीसदी स्वच्छ भारत सेस की घोषणा की थी। इससे पहले 15 नवंबर 2015 से सभी कर देय सेवाओं पर आधा फीसदी का स्वच्छ भारत सेस लगाया जा चुका है।

वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने पिछले महीने बताया था कि स्वच्छ भारत सेस में कर वसूली का कोई लक्ष्य तय नहीं किया गया है, लेकिन सरकार मान कर चल रही है कि पूरे वित्त वर्ष में इससे 10,000 करोड़ रुपये तो मिल ही जाएंगे।

इसके शुरुआती परिणाम उत्साहजनक रहे हैं, क्योंकि सिर्फ सेवा कर के साथ सेस वसूलने से ही एक महीने में सरकार को 329 करोड़ रुपये मिल चुके हैं।

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